Bihar : बिहार अब अपने सामान को विदेशों में बेचने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार और कई संगठन मिलकर स्थानीय उद्यमियों को विश्व बाजार से जोड़ने में जुटे हैं। अब बिहार के मखाना, लीची और आम जैसे उत्पाद दुनिया के अलग-अल
Bihar : बिहार अब अपने सामान को विदेशों में बेचने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य सरकार और कई संगठन मिलकर स्थानीय उद्यमियों को विश्व बाजार से जोड़ने में जुटे हैं। अब बिहार के मखाना, लीची और आम जैसे उत्पाद दुनिया के अलग-अलग देशों में अपनी पहचान बनाएंगे, जिससे राज्य की कमाई और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
निर्यात को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं
सरकार ने निर्यात की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। 11 सितंबर 2025 को पटना में APEDA के पहले क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने किया। इससे अब बिहार के व्यापारियों को वाराणसी नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें यहीं से मदद मिलेगी। साथ ही, मखाना जैसी चीजों को अमेरिका, कनाडा और न्यूजीलैंड जैसे देशों में भेजा जा रहा है।
कौन से उत्पाद और लक्ष्य हैं सरकार के
बिहार के पास कई ऐसे उत्पाद हैं जिन्हें GI टैग मिला हुआ है, जिससे उनकी अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ जाती है। सरकार का लक्ष्य औद्योगिक क्षेत्र में 50 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना और 1 करोड़ लोगों को रोजगार देना है। राज्य में स्टार्टअप्स की संख्या भी तेजी से बढ़ी है, जिससे नए बिजनेस को बढ़ावा मिल रहा है।
| प्रमुख उत्पाद |
विशेषता/स्थिति |
| मिथिला मखाना |
दुनिया का 90% उत्पादन, भारी अंतरराष्ट्रीय मांग |
| शाही लीची और जरदालू आम |
GI टैग प्राप्त, विदेशी बाजारों के लिए तैयार |
| मगही पान |
GI टैग प्राप्त उत्पाद |
| चावल, दाल और मसाले |
अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने दिखाई रुचि |
किन चुनौतियों को दूर करने की तैयारी है
बिहार में समुद्र तट नहीं है, इसलिए सामान भेजने के लिए दूसरे राज्यों के बंदरगाहों पर निर्भर रहना पड़ता है। इसके अलावा, पैकेजिंग और कोल्ड स्टोरेज की कमी एक बड़ी समस्या रही है। सरकार अब हर जिले में निर्यात हब बनाने और नई निर्यात नीति लाने की तैयारी कर रही है, ताकि छोटे व्यापारियों को सस्ता कर्ज और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।