Bihar में EO विमल कुमार हत्याकांड में होगा स्पीडी ट्रायल, पत्नी ने मुख्यमंत्री से मांगी 2 करोड़ की मदद और नौकरी
Bihar: डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की बेरहमी से हत्या के मामले में अब स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विमल कुमार की पत्नी बबीता कुमारी से मुलाकात के बाद यह निर्देश दिया ह
Bihar: डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की बेरहमी से हत्या के मामले में अब स्पीडी ट्रायल चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विमल कुमार की पत्नी बबीता कुमारी से मुलाकात के बाद यह निर्देश दिया है। इस मुलाकात के दौरान परिवार की सुरक्षा और आर्थिक मदद की मांगें रखी गईं।
विमल कुमार की पत्नी बबीता कुमारी ने मुख्यमंत्री को एक लिखित आवेदन सौंपा है। उन्होंने अपने और बच्चों के गुजारे के लिए 2 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) के तौर पर सरकारी नौकरी की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की अपील भी की है। बबीता कुमारी ने डेहरी के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विधायक ने 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी और वे इस हत्या में शामिल हैं। हालांकि, विधायक ने इन सभी आरोपों को गलत बताया है और निष्पक्ष जांच की बात कही है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक विमल कुमार की मौत गोली या किसी धारदार हथियार से नहीं, बल्कि किसी ठोस और भारी वस्तु से बेरहमी से पीटे जाने के कारण हुई। उनके सिर, गर्दन, छाती, पसलियों, फेफड़े और लिवर में गंभीर चोटें मिली हैं। रिपोर्ट में गर्दन टूटने और लिवर फटने की भी पुष्टि हुई है।
मामले में विमल कुमार के ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने अपना जुर्म कबूल किया है। उसने पुलिस को बताया कि ड्यूटी के दबाव और पेशाब करने के लिए गाड़ी रोकने पर डांट पड़ने के कारण उसे गुस्सा आया और उसने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिया है और जिला प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इस घटना के बाद पटना में अन्य कार्यपालक अधिकारियों ने शव के साथ प्रदर्शन कर अपनी सुरक्षा की मांग की थी।