Bihar: बिहार में बिजली चोरी करने वालों पर अब विभाग की पैनी नजर रहेगी। राज्य सरकार बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए ट्रांसफॉर्मर को मीटर से टैग करने का काम तेजी से कर रही है, जिसे अगले 3 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इस सि
Bihar: बिहार में बिजली चोरी करने वालों पर अब विभाग की पैनी नजर रहेगी। राज्य सरकार बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए ट्रांसफॉर्मर को मीटर से टैग करने का काम तेजी से कर रही है, जिसे अगले 3 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। इस सिस्टम से यह पता चल सकेगा कि ट्रांसफॉर्मर से कितनी बिजली निकली और उपभोक्ताओं ने कितनी इस्तेमाल की, जिससे चोरी वाले इलाकों की तुरंत पहचान हो जाएगी।
ट्रांसफॉर्मर टैगिंग और डिजिटल सर्वे से कैसे रुकेगी चोरी
बिहार के बिजली विभाग ने उपभोक्ताओं को उनके संबंधित ट्रांसफॉर्मर से जोड़ने के लिए डिजिटल टैगिंग सर्वे शुरू किया है। इसके लिए Workflow Management (WFM) ऐप का इस्तेमाल हो रहा है। PESCO इलाके में लगभग 48% काम पूरा हो चुका है। सर्वे करने वाले कर्मचारी सिर्फ मीटर की फोटो लेंगे, वे कोई तकनीकी जांच या मरम्मत नहीं करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद बिलिंग में सटीकता लाना और तकनीकी नुकसान को कम करना है।
AI और Google Earth की मदद से होगी निगरानी
बिजली चोरी पकड़ने के लिए विभाग अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। Google Earth और AI के जरिए उन जगहों को ट्रैक किया जा रहा है जहां बिजली की खपत शून्य है या बहुत कम है। जूनियर इंजीनियरों के पास खास ऐप हैं, जिससे वे Consumer ID डालकर उपभोक्ता की सटीक लोकेशन देख सकते हैं। भागलपुर में किए गए एक पायलट प्रोजेक्ट में इस तकनीक से 1.46 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बिलिंग की गई है।
स्मार्ट मीटर और नए नियमों का आम जनता पर असर
स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के साथ-साथ विभाग ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कुछ बदलाव किए हैं। Bihar Electricity Regulatory Commission (BERC) के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगने के बाद अगर डिमांड चार्ज बढ़ता है, तो शुरू के 6 महीने तक कोई जुर्माना नहीं लगेगा ताकि लोग नए सिस्टम में ढल सकें। इसके अलावा, ज्यादा खपत होने पर उपभोक्ताओं को SMS के जरिए अलर्ट भी भेजा जाएगा।
| मुख्य बिंदु |
विवरण |
| समय सीमा |
अगले 3 महीने में काम पूरा होगा |
| तकनीक का उपयोग |
AI, Google Earth और WFM ऐप |
| PESCO का लक्ष्य |
करीब 100 करोड़ रुपये के नुकसान को रोकना |
| सत्यापन प्रक्रिया |
इंजीनियर 10% काम का रैंडम वेरिफिकेशन करेंगे |
| मीटर रीडिंग |
बिना स्मार्ट मीटर वाले क्षेत्रों में सरकारी और प्राइवेट कर्मचारी मिलकर रीडिंग लेंगे |