Bihar में बिजली सेवाओं का होगा पूर्ण डिजिटलीकरण, ऊर्जा सचिव ने ई-ऑफिस और C-SOC को मजबूत करने के दिए निर्देश

Bihar: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को अब पहले से बेहतर और तेज सेवाएं मिलेंगी। ऊर्जा विभाग ने अपनी डिजिटल प्रणालियों को और ज्यादा मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि बिजली से जुड़े कामों में पारदर्शिता आए और लोगों को द

Bihar: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को अब पहले से बेहतर और तेज सेवाएं मिलेंगी। ऊर्जा विभाग ने अपनी डिजिटल प्रणालियों को और ज्यादा मजबूत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है ताकि बिजली से जुड़े कामों में पारदर्शिता आए और लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।

ऊर्जा सचिव और BSPHCL के अध्यक्ष अजय यादव (IAS) ने 06 जुलाई, 2026 को विभाग की डिजिटल परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने और साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (C-SOC) को मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए हैं। सचिव ने स्पष्ट किया कि जब डिजिटल सिस्टम सही से काम करेगा, तभी उपभोक्ताओं को त्वरित सेवाएं मिल पाएंगी और जवाबदेही तय होगी।

समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व प्रबंधन प्रणाली (RMS), एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ERP) और ‘सुविधा बिहार’ मोबाइल ऐप की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इससे पहले 02 जुलाई को अजय यादव ने SBPDCL के राजस्व कार्यों की जांच की थी, जिसमें उन्होंने बिलिंग, बकाया वसूली और स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने को कहा था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजस्व संचालन की साप्ताहिक बैठकें की जाएं।

बिजली की बढ़ती मांग और नए बदलावों को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। ऊर्जा सचिव ने बताया कि पिछले 10 सालों में बिहार में बिजली की मांग 1800 मेगावाट से बढ़कर 9000 मेगावाट तक पहुंच गई है। साथ ही, 01 अप्रैल, 2026 से स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले ग्राहकों के लिए टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ लागू किया गया है, जिससे दिन में बिजली सस्ती और शाम के पीक समय में महंगी मिलेगी।

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 25 जून, 2026 को विभाग की वेबसाइट और मोबाइल ऐप में कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। वहीं, बांका जिले में AI तकनीक आधारित नया रेवेन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (RMS) शुरू किया गया है, जिससे बिलिंग और मीटरिंग की निगरानी अब और भी सटीक तरीके से हो सकेगी।