Bihar में अब घर और दफ्तर से चार्ज कर सकेंगे इलेक्ट्रिक वाहन, सरकार देगी भारी सब्सिडी और रोड टैक्स में छूट
Bihar: राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब लोगों को अपनी गाड़ी चार्ज करने या चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसके लिए किसी खास लाइसेंस की ज
Bihar: राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब लोगों को अपनी गाड़ी चार्ज करने या चार्जिंग स्टेशन खोलने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। इसके लिए किसी खास लाइसेंस की जरूरत नहीं होगी और लोग अपने घर या ऑफिस के सामान्य बिजली कनेक्शन से ही गाड़ियां चार्ज कर सकेंगे।
बिहार सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (संशोधन) नीति, 2026 को मंजूरी दे दी है, जो 1 जून, 2026 से लागू होगी। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक राज्य में बिकने वाले कुल नए वाहनों में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की हिस्सेदारी 30% तक पहुंच जाए। इस पहल से न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि आम लोगों के लिए ई-वाहन खरीदना और चलाना आसान हो जाएगा।
सरकार ने इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने वालों के लिए सब्सिडी और छूट का भी ऐलान किया है। महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि तय की गई है।
| वाहन का प्रकार | किसे मिलेगी सब्सिडी | सब्सिडी राशि |
|---|---|---|
| इलेक्ट्रिक कार | महिलाएं | 1 लाख रुपये तक |
| इलेक्ट्रिक दोपहिया | सामान्य पुरुष | 10,000 रुपये |
| इलेक्ट्रिक दोपहिया | SC/ST महिलाएं | 12,000 रुपये |
| इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया | सामान्य महिलाएं | 50,000 रुपये |
| इलेक्ट्रिक मालवाहक तिपहिया | SC/ST महिलाएं | 60,000 रुपये |
बिहार में रजिस्टर्ड सभी इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटर वाहन कर में 50% तक की छूट मिलेगी। इसके अलावा, हाईवे के किनारे चार्जिंग स्टेशन खोलना भी अब आसान हो गया है। नेशनल और स्टेट हाईवे पर हर 50 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिन्हें निजी एजेंसियां संचालित करेंगी।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार उपकरण खरीदने पर 75% तक का अनुदान दे रही है। एसी और डीसी चार्जर पर 2.25 लाख रुपये तक और फास्ट चार्जर के लिए 1.5 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। अब आने वाले बड़े अपार्टमेंट, शॉपिंग मॉल और कमर्शियल बिल्डिंग्स में चार्जिंग स्टेशन लगाना अनिवार्य होगा। परिवहन विभाग एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी बना रहा है जिससे सभी चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी Google Maps पर मिल सकेगी।