Bihar में सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने की तैयारी, 20 हजार शिक्षक बनेंगे दूसरे टीचरों के मेंटर
Bihar: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने के लिए एक नया शिक्षा मिशन शुरू किया है। इस योजना के तहत राज्य के 20,000 शिक्षकों को ‘विषय विशेषज्ञ’ के रूप में चुना जाएगा, जो दूसरे अध्यापकों
Bihar: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को सुधारने के लिए एक नया शिक्षा मिशन शुरू किया है। इस योजना के तहत राज्य के 20,000 शिक्षकों को ‘विषय विशेषज्ञ’ के रूप में चुना जाएगा, जो दूसरे अध्यापकों के मेंटर बनेंगे। सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता को निजी स्कूलों के बराबर लाना है ताकि बच्चे दोबारा सरकारी स्कूलों की ओर लौटें।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि मेंटर बनने के लिए शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। चयन के लिए शिक्षकों को बिना एडिट किया हुआ वीडियो भेजना होगा, जिससे उनके पढ़ाने के तरीके और व्यक्तित्व का आकलन किया जा सके। यह चयन प्रक्रिया 31 जुलाई से 15 अगस्त, 2026 तक चलेगी। चुने गए मेंटर शिक्षक अपने साथी शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे और स्कूलों में जाकर यह देखेंगे कि पढ़ाई सही तरीके से हो रही है या नहीं।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार कई अन्य कदम भी उठा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा के अनुसार, अब शनिवार को ‘नो बैग डे’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन स्कूल सुबह 9:30 से दोपहर 1:00 बजे तक चलेंगे और बच्चों को किताबों के बजाय नाटक, संगीत और कला जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ भी आयोजित कर रहा है और 7 बड़े शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी की है।
भर्ती और तबादलों को लेकर भी बड़ी अपडेट है। TRE-4 के जरिए 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए BPSC को जानकारी भेज दी गई है। सरकार ने अगले 5 सालों में 1 लाख शिक्षकों की भर्ती का लक्ष्य रखा है, जिसमें हर साल 20,000 पदों पर बहाली होगी और जुलाई में नोटिफिकेशन जारी होगा। वहीं, सरप्लस शिक्षकों को स्वैच्छिक आवेदन के आधार पर बाल वाटिका और आंगनवाड़ी केंद्रों में भेजा जाएगा।