Bihar के पूर्वी चंपारण में अवैध कारतूस फैक्ट्री का भंडाफोड़, 500 से ज्यादा कारतूस और विस्फोटक बरामद
Bihar/पूर्वी चंपारण : पूर्वी चंपारण पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चकिया इलाके में चल रही अवैध कारतूस फैक्ट्री को पकड़ा है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 500 से ज्यादा कारतूस और भारी मात्रा में विस्फोटक सामान जब्त किया
Bihar/पूर्वी चंपारण : पूर्वी चंपारण पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चकिया इलाके में चल रही अवैध कारतूस फैक्ट्री को पकड़ा है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 500 से ज्यादा कारतूस और भारी मात्रा में विस्फोटक सामान जब्त किया है। यह पूरा ऑपरेशन गुप्त सूचना के आधार पर चलाया गया, जिसमें पुलिस ने हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है।
यह छापेमारी 19 जुलाई 2026 को चकिया थाना क्षेत्र के ओझा टोला में की गई। इस अभियान का नेतृत्व चकिया और पकड़ीदयाल के SDPO ने किया। पूर्वी चंपारण के SP स्वर्ण प्रभात ने बताया कि यह फैक्ट्री अवैध कारतूस बनाने और उन्हें सप्लाई करने के एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थी। इस बड़ी सफलता के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है। मेहसी थानाध्यक्ष सानु गौरव और सब इंस्पेक्टर कृष्ण मोहन की इस काम में मुख्य भूमिका रही।
पुलिस ने मौके से निर्मित और आधे बने हुए 500 से ज्यादा कारतूस, कारतूस बनाने वाली मशीनें, मेटल शीट और गन पाउडर बरामद किया है। इसके अलावा नाइट्रिक एसिड, रेड फास्फोरस, एसीटोन और चारकोल जैसे खतरनाक रसायन भी मिले हैं। इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है।
गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी श्रीकांत सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह गढ़हिया थाना क्षेत्र के मड़पा मोहन गांव का रहने वाला है। श्रीकांत पर पहले से ही हथियारों और गोलीबारी के 5 मामले दर्ज हैं और वह 2012 में UAPA के तहत जेल भी जा चुका है। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो इस फैक्ट्री के लिए बुलेट खरीदकर लाते थे। पुलिस इसे जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मान रही है और आगे की जांच जारी है।