Bihar में अब घर बैठे होगी प्रॉपर्टी रजिस्ट्री, 75 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए सरकार लाई नई सुविधा

Bihar: बिहार सरकार ने बुजुर्ग नागरिकों के लिए जमीन और मकान की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया है। अब 75 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार की नई पहल ‘

Bihar: बिहार सरकार ने बुजुर्ग नागरिकों के लिए जमीन और मकान की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को बहुत आसान बना दिया है। अब 75 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार की नई पहल ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ के तहत अब रजिस्ट्री की टीम खुद बुजुर्गों के घर आकर कागजी कार्रवाई पूरी करेगी।

इस सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 जुलाई 2026 को हाजीपुर रजिस्ट्री ऑफिस से की। यह पूरी व्यवस्था राज्य के ‘सात निश्चय-3’ (2025-2030) प्रोग्राम का हिस्सा है। शुरुआत में यह सुविधा 80 साल से ऊपर के लोगों के लिए थी, लेकिन बाद में इसकी उम्र सीमा घटाकर 75 साल कर दी गई। वर्तमान में यह सुविधा पटना और हाजीपुर समेत 10 रजिस्ट्री ऑफिसों में उपलब्ध है और जल्द ही इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।

इस डिजिटल सिस्टम के तहत अब पूरी प्रक्रिया पेपरलेस होगी। जो लोग इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें बिहार के आधिकारिक ई-रजिस्ट्रेशन पोर्टल enibandhan.bihar.gov.in पर जाकर अपॉइंटमेंट बुक करना होगा। इसके बाद एक मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट आवेदक के घर पहुंचेगी, जिसमें लैपटॉप, बायोमेट्रिक स्कैनर और डिजिटल सिग्नेचर डिवाइस जैसी सुविधाएं होंगी। अधिकारी वहीं पर पहचान पत्र और दस्तावेजों की जांच करेंगे और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन पूरा करेंगे।

सुविधा विवरण
पात्रता 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिक
आवेदन का तरीका enibandhan.bihar.gov.in पोर्टल के जरिए
दस्तावेज प्राप्ति रजिस्ट्री के बाद PDF फाइल SMS के जरिए मोबाइल पर मिलेगी
समय सीमा आवेदन के 7 कार्य दिवसों के भीतर प्रक्रिया पूरी होगी
प्रक्रिया का प्रकार वैकल्पिक (दफ्तर जाकर भी रजिस्ट्री कराई जा सकती है)
वेरिफिकेशन रजिस्ट्री से 10 दिन पहले अंचल अधिकारी से जमीन की जांच होगी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि इस कदम से आम लोगों के जीवन में आसानी आएगी और बिचौलियों का प्रभाव कम होगा। अब वकील और अन्य अनुभवी लोग सर्विस प्रोवाइडर के तौर पर ई-फाइलिंग और स्टाम्प ड्यूटी तय करने में मदद कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और बुजुर्गों को शारीरिक परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।