Bihar के ढोढनाथ धाम को ‘शिव शक्ति सर्किट’ में शामिल करने की मांग, बिहार अभ्युदय संघ ने सरकार को भेजा आवेदन

Bihar/Saran: सारण जिले के एकमा विधानसभा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध श्री ढोढनाथ धाम मंदिर को लेकर मांग तेज हो गई है। बिहार अभ्युदय संघ ने इस प्राचीन मंदिर को राज्य सरकार की प्रस्तावित ‘शिव शक्ति सर्किट’ योजना

Bihar/Saran: सारण जिले के एकमा विधानसभा क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध श्री ढोढनाथ धाम मंदिर को लेकर मांग तेज हो गई है। बिहार अभ्युदय संघ ने इस प्राचीन मंदिर को राज्य सरकार की प्रस्तावित ‘शिव शक्ति सर्किट’ योजना में शामिल करने के लिए आवेदन दिया है। श्रावण मास के आने से पहले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में इस मांग को लेकर काफी उत्साह है।

बिहार सरकार का पर्यटन विभाग राज्य में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ‘शिव मंदिर टूरिज्म सर्किट’ की योजना पर काम कर रहा है। इसका मकसद पटना, नालंदा और गया जैसे पारंपरिक केंद्रों के अलावा अन्य शिव मंदिरों का भी विकास करना है। पर्यटन मंत्री Nitish Mishra के अनुसार, इस योजना के पहले चरण में 15 शिव मंदिरों के विकास का प्रस्ताव है। सरकार ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने जिलों में ऐसे मंदिरों के लिए जमीन की पहचान करें और उसका नक्शा तैयार कर रिपोर्ट भेजें।

ढोढनाथ धाम की बात करें तो यह गंडकी नदी के किनारे स्थित भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर है, जहां एक विशाल शिवलिंग मौजूद है। इस मंदिर को लेकर पहले भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। अक्टूबर 2025 में बिहार के उपमुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने घोषणा की थी कि ढोढनाथ मंदिर को टूरिस्ट स्पॉट का दर्जा दिया जाएगा। सारण जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसे एक पर्यटन स्थल के रूप में दर्ज किया गया है।

हालांकि, पहले चरण के लिए जिन 12 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजे गए थे, उनमें सारण का नाम शामिल नहीं था। इसके बावजूद, स्थानीय स्तर पर इसे शिव शक्ति सर्किट का हिस्सा बनाने की कोशिशें जारी हैं। सरकार की नीति है कि जिन स्थानों पर विवादरहित सरकारी जमीन उपलब्ध होगी, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद अन्य मंदिरों के विकास की योजना बनाई जाएगी।