Bihar में किसानों को लोन देने में लापरवाही बरतने वाले बैंकों की खैर नहीं, डिप्टी सीएम बोले- शिकायत जाएगी PM मोदी तक
Bihar: राज्य के किसानों को खेती-बारी के लिए लोन देने में ढिलाई बरतने वाले बैंकों के खिलाफ अब सरकार सख्त हो गई है। मंगलवार, 23 जून 2026 को हुई 97वीं स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) की बैठक में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री
Bihar: राज्य के किसानों को खेती-बारी के लिए लोन देने में ढिलाई बरतने वाले बैंकों के खिलाफ अब सरकार सख्त हो गई है। मंगलवार, 23 जून 2026 को हुई 97वीं स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC) की बैठक में डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बैंकों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसानों को लोन देने में देरी हुई या लोन नहीं मिला, तो इसकी शिकायत सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की जाएगी।
बैठक के दौरान डिप्टी सीएम ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में बिहार ने पहली बार 60.21% का क्रेडिट डिपॉजिट (CD) रेशियो हासिल किया है। इसके बावजूद, कृषि क्षेत्र में लोन देने के मामले में बैंकों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा। सरकार अब हर छह महीने में लोन की प्रक्रिया और क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो की समीक्षा करेगी। जिन बैंकों का CD रेशियो 50% से कम और वार्षिक क्रेडिट प्लान की उपलब्धि 60% से नीचे रहेगी, उनकी कड़ी निगरानी होगी।
विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने भी इस मामले में संयोजक बैंक, State Bank of India (SBI) की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने बैंकों को निर्देश दिया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) का वितरण तेज किया जाए और लोन रिन्यूअल की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए ताकि गांवों तक बैंकिंग सेवाओं का लाभ पहुंच सके। इसके लिए ग्रामीण इलाकों में विशेष सहयोग कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों की मदद के लिए सरकार ने ‘Bihar Kisan Rin Portal’ भी लॉन्च किया है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोन वितरण और KCC के तहत ब्याज छूट के दावों में पारदर्शिता लाएगा। साथ ही, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) से जुड़ी समस्याओं को सुलझाने और खेती में निवेश बढ़ाने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया गया है।
| विवरण | आंकड़े (FY 2025-26) |
|---|---|
| क्रेडिट डिपॉजिट (CD) रेशियो | 60.21% |
| कुल बैंक जमा राशि | लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये |
| नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) | 6.91% |
| कुल वार्षिक क्रेडिट लक्ष्य उपलब्धि | 84.71% (2,84,632 करोड़ रुपये) |
| MSME सेक्टर की उपलब्धि | 84.26% |
| कृषि क्षेत्र की लोन उपलब्धता | 68.03% |