Bihar के दरभंगा में NEET पेपर लीक पर बवाल, छात्रों ने किया प्रदर्शन, पुलिस लाठीचार्ज और पत्थरबाजी में कई घायल

Bihar/Darbhanga: नीट पेपर लीक मामले को लेकर दरभंगा में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे। शुरुआत में यह प

Bihar/Darbhanga: नीट पेपर लीक मामले को लेकर दरभंगा में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे। शुरुआत में यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन बाद में स्थिति बिगड़ गई और पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें हुईं।

23 जुलाई 2026 को करीब 2,000 छात्र बिना किसी अनुमति के कर्पूरी चौक पर जमा हुए थे। यहां से छात्र कलेक्ट्रेट रोड की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस हिंसा में दरभंगा के सिटी एसपी अशोक कुमार के पैर में चोट आई और एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हो गया।

बिहार के अन्य जिलों में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन देखे गए, जिनमें कम से कम 14 पुलिसकर्मी और कई छात्र घायल हुए। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की है। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 600 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पटना में 40 से ज्यादा छात्रों को हिरासत में लिया गया है, जबकि दरभंगा में पांच लोगों को पकड़ा गया है।

दूसरी तरफ, सीबीआई ने एक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को नीट (यूजी) 2024 पेपर की चोरी या वितरण से जोड़ने वाला कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि, दानापुर नगर परिषद के इंजीनियर सिकंदर प्रसाद यादवेंदु को आरोपियों में शामिल बताया गया है।

केंद्र सरकार ने इस विवाद के बाद मूल नीट-यूजी 2026 परीक्षा को रद्द कर दिया है और जांच सीबीआई को सौंप दी है। सरकार ने अब बढ़ी हुई सुरक्षा के साथ दोबारा परीक्षा कराने और पेपर लीक के खिलाफ फास्ट-ट्रैक अदालतों के गठन की योजना बनाई है ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके।