Bihar: बिहार सरकार पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए किसानों और बेरोजगार युवाओं को बड़ी मदद दे रही है। पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने बताया कि डेयरी यूनिट लगाने पर 75% और बकरी-मुर्गी पालन पर 6
Bihar: बिहार सरकार पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए किसानों और बेरोजगार युवाओं को बड़ी मदद दे रही है। पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता ने बताया कि डेयरी यूनिट लगाने पर 75% और बकरी-मुर्गी पालन पर 60% तक की सब्सिडी दी जाएगी। इस पहल का मकसद ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ाना और किसानों की कमाई को दोगुना करना है।
डेयरी और पशुपालन पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
बिहार डेयरी फार्म योजना 2026 के तहत सरकार अलग-अलग श्रेणियों के लिए अनुदान दे रही है। दो दुधारू गाय या भैंस खरीदने के लिए 1,74,000 रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध है।
- ST वर्ग: दो पशुओं पर 100% सब्सिडी (1,74,000 रुपये)।
- SC, ST और EBC वर्ग: 75% तक की सब्सिडी।
- अन्य वर्ग: लगभग 50% तक का अनुदान।
- बकरी पालन: 60% से 90% तक सब्सिडी और ट्रेनिंग की सुविधा।
- मुर्गी पालन: 10,000 ब्रॉयलर पक्षियों के प्रोजेक्ट पर 30% (3 लाख रुपये) सब्सिडी।
आवेदन कैसे करें और कौन कर सकता है अप्लाई?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की उम्र 18 से 55 साल के बीच होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया आमतौर पर ऑफलाइन होती है और फॉर्म जिला गव्य विकास कार्यालय (District Dairy Development Office) में जमा करना होता है। चयन में उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके पास विभागीय ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट है या जो जीविका और दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से जुड़े हैं।
सुधा ब्रांड का ग्लोबल विस्तार और अन्य उपलब्धियां
बिहार के डेयरी सेक्टर में बड़ी कामयाबी मिली है और सुधा ब्रांड के उत्पादों का निर्यात अब अमेरिका और कनाडा तक शुरू हो गया है। सरकार अब सुधा नेटवर्क के जरिए बकरी के दूध की बिक्री की योजना बना रही है क्योंकि इसकी मांग बहुत ज्यादा है। साथ ही, मछली उत्पादन में भी बिहार ने देश में अग्रणी स्थान पाया है। पशुओं के बेहतर इलाज के लिए 64 अनुमंडलीय अस्पतालों में डिजिटल एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं।