Bihar: बिहार में पर्यटकों के लिए नाव की सवारी अब खतरे की घंटी बन सकती है। जबलपुर में हुए भीषण क्रूज हादसे के बाद अब बिहार में भी ऐसी ही लापरवाही सामने आई है, जहां पर्यटक बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के नावों पर सवारी कर रहे
Bihar: बिहार में पर्यटकों के लिए नाव की सवारी अब खतरे की घंटी बन सकती है। जबलपुर में हुए भीषण क्रूज हादसे के बाद अब बिहार में भी ऐसी ही लापरवाही सामने आई है, जहां पर्यटक बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के नावों पर सवारी कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अब सरकारी अधिकारी पूरे मामले की जांच करेंगे ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
जबलपुर हादसे का क्या था मामला और कितना हुआ नुकसान
मध्य प्रदेश के जबलपुर में 30 अप्रैल 2026 को बरगी डैम जलाशय में एक क्रूज नाव तूफान की वजह से पलट गई थी। इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो बच्चों के शव भी शामिल हैं। कुल 41 यात्रियों में से 28 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। बचने वाले यात्रियों ने बताया कि लाइफ जैकेट की वजह से उनकी जान बची, लेकिन क्रू और प्रशासन की तरफ से सही निर्देश और मदद समय पर नहीं मिली।
बिहार में सुरक्षा नियमों की क्या है स्थिति
बिहार में नावों के संचालन के लिए ‘बिहार इनलैंड वेसल्स रूल्स 2010’ और ‘बिहार फेरीघाट सेटलमेंट एंड मैनेजमेंट एक्ट 2023’ जैसे कड़े कानून हैं। इन नियमों के मुताबिक हर नाव का सर्वे और रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है। साथ ही लाइफ ब्वॉय और लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का होना अनिवार्य है। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) अधिकारियों को नावों की क्षमता और सुरक्षा जांच के लिए ट्रेनिंग भी देता है।
अब प्रशासन क्या कदम उठाएगा
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के बाद बिहार के अधिकारियों ने असुरक्षित बोटिंग प्रथाओं की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन यह देखेगा कि क्या नावें अपनी क्षमता से ज्यादा सवारी तो नहीं ले रही हैं और क्या लाइफ जैकेट जैसे जरूरी सामान मौजूद हैं। इससे पहले 2017 में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंगा नदी में चलने वाली नावों के लिए सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जबलपुर क्रूज हादसे में अब तक कितनी मौतें हुई हैं
जबलपुर के बरगी डैम में हुए हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें दो बच्चे भी शामिल हैं। 41 यात्रियों में से 28 को रेस्क्यू किया गया था।
बिहार में नाव चलाने के लिए कौन से नियम लागू हैं
बिहार में बिहार इनलैंड वेसल्स रूल्स 2010 और बिहार फेरीघाट सेटलमेंट एंड मैनेजमेंट एक्ट 2023 लागू हैं, जो नाव के रजिस्ट्रेशन और सुरक्षा उपकरणों को अनिवार्य बनाते हैं।