Bihar में मर्डर और डकैती की घटनाओं में बड़ी कमी, सरकार का दावा- अपराधियों को सजा दिलाने में आई तेजी

Bihar: राज्य में अपराध की रफ्तार कम हुई है और पुलिस अब अपराधियों को सजा दिलाने पर ज्यादा जोर दे रही है। बिहार सरकार ने दावा किया है कि साल 2025 के मुकाबले 2026 में हत्या, डकैती और दंगों के मामलों में काफी गिरावट आई है। य

Bihar: राज्य में अपराध की रफ्तार कम हुई है और पुलिस अब अपराधियों को सजा दिलाने पर ज्यादा जोर दे रही है। बिहार सरकार ने दावा किया है कि साल 2025 के मुकाबले 2026 में हत्या, डकैती और दंगों के मामलों में काफी गिरावट आई है। यह जानकारी शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी गई।

गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार और डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि इस साल हत्या के मामलों में 10.1 प्रतिशत, डकैती में 31.32 प्रतिशत और दंगों में 18.97 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि अब दोषियों को सजा दिलाने की दर पहले से बढ़ी है और इसमें 25-30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। मई के महीने में ही 64,733 मामलों में 86,760 दोषियों को सजा सुनाई गई, जिनमें 2 लोगों को मौत की सजा और 553 को उम्रकैद मिली है।

कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस बल में भी बड़ी भर्ती की गई है। पिछले डेढ़ साल में 22,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को जोड़ा गया है और करीब 26,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, जिसे एक साल में पूरा करने का लक्ष्य है। अब राज्य में कुल पुलिस बल की संख्या 1.21 लाख हो गई है। साथ ही 600 नए थाना भवनों का निर्माण कराया जा रहा है और डायल-112 सिस्टम को मजबूत करने के लिए 172 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

डीजीपी विनय कुमार ने एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि अब बिहार का कोई भी जिला नक्सल प्रभावित नहीं रहा, जबकि 2013 में 22 जिले इस समस्या से जूझ रहे थे। हालांकि, साइबर अपराध को एक बड़ी चुनौती माना गया है। बिहार उन गिने-चुने राज्यों में है जहां हर जिले में साइबर थाना है और हर साल करीब 7,000 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो रही हैं। पटना में साइबर सेल के लिए एक आधुनिक बिल्डिंग भी बनाई जाएगी। पुलिस की बेहतरीन सेवा के लिए बिहार पुलिस को ‘राष्ट्रपति कलर’ सम्मान से भी नवाजा गया है।