Bihar : बिहार में अपराधियों से निपटने के लिए सरकार ने अपनी रणनीति बदल दी है। जहाँ पहले नीतीश कुमार के समय अदालती कार्यवाही और तेज सुनवाई यानी स्पीडी ट्रायल पर जोर था, वहीं अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पुलिस
Bihar : बिहार में अपराधियों से निपटने के लिए सरकार ने अपनी रणनीति बदल दी है। जहाँ पहले नीतीश कुमार के समय अदालती कार्यवाही और तेज सुनवाई यानी स्पीडी ट्रायल पर जोर था, वहीं अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पुलिस काफी आक्रामक नजर आ रही है। पिछले कुछ दिनों में राज्य के अलग-अलग जिलों में कई मुठभेड़ें हुई हैं, जिससे अपराधियों में खौफ बढ़ गया है।
नीतीश राज और सम्राट सरकार की नीति में क्या है अंतर
नीतीश कुमार के समय में पूर्व आईपीएस अभयानंद के नेतृत्व में साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन और स्पीडी ट्रायल को अपनाया गया था। इसका मकसद पुख्ता सबूत जुटाकर अपराधियों को जल्द सजा दिलाना था। साल 2010 में इस तरीके से हजारों अपराधियों को सजा मिली थी। वहीं वर्तमान सम्राट चौधरी सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को खुली छूट दी है और साफ कहा है कि जो गोली चलाएगा, उसे गोली खानी पड़ेगी। सरकार ने पुलिस को निर्देश दिया है कि अपराधियों की चुनौती का जवाब 48 घंटे के भीतर दिया जाए।
हालिया मुठभेड़ और पुलिस का एक्शन
पिछले कुछ दिनों में बिहार के कई जिलों में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई है। 21 मई को किशनगंज में पवन कुमार उर्फ चिंटू घायल हुआ, जबकि 20 मई को समस्तीपुर में प्रिंस और पटना में नीतीश कुमार को पुलिस ने पैर में गोली मारकर पकड़ा। इसके अलावा सीवान और पटना में भी लूट के आरोपियों के साथ मुठभेड़ हुई। डीजीपी विनय कुमार के मुताबिक, साल 2024-25 में हत्या के मामलों में 8% और डकैती में 26.9% की कमी आई है।
एनकाउंटर नीति पर क्या कह रहे हैं जिम्मेदार और विपक्षी
विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर ने अपराधियों को चेतावनी दी है कि वे या तो अपराध छोड़ दें या बिहार छोड़ दें। मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि राज्य को अपराध मुक्त बनाने के लिए आगे भी एनकाउंटर होंगे। दूसरी तरफ, एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इस नीति की आलोचना की है। उनका कहना है कि किसी को भी एनकाउंटर करने का हक नहीं है और सजा केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत ही मिलनी चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में स्पीडी ट्रायल से अब तक क्या असर हुआ है
2025 के पहले छह महीनों में स्पीडी ट्रायल के जरिए 64,098 आरोपियों को सजा दिलाई गई है, जिसमें 3 को मौत की सजा और 601 को आजीवन कारावास मिला है।
सम्राट चौधरी सरकार की अपराध नियंत्रण नीति क्या है
वर्तमान सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, जिसमें पुलिस को अपराधियों के खिलाफ आक्रामक होने और मुठभेड़ों के जरिए उन्हें पकड़ने की छूट दी गई है।