Bihar के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, पिता ने बेची जमीन और मां ने छोड़ी नींद तब बना क्रिकेटर
Bihar: समस्तीपुर के मोतीपुर गांव के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। वैभव की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का बहुत बड़ा त्याग है। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने बेटे के सपने को
Bihar: समस्तीपुर के मोतीपुर गांव के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना ली है। वैभव की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का बहुत बड़ा त्याग है। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन तक बेच दी, ताकि वैभव को बेहतर कोचिंग मिल सके और वह पटना तक का 90 किलोमीटर का सफर तय कर सके।
वैभव की मां ने भी उनके संघर्ष में पूरा साथ दिया और वह रोज सुबह 3 बजे उठकर उनके लिए खाना तैयार करती थीं। इसी मेहनत और लगन का नतीजा है कि वैभव ने बहुत कम उम्र में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने 2023-24 सीजन में महज 12 साल और 284 दिन की उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र का रिकॉर्ड है।
IPL 2026 में भी वैभव ने धमाका किया और राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए 14 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के शतकवीर बने। उन्होंने महज 35 गेंदों में यह सेंचुरी पूरी की। वैभव ने इस सीजन में 776 रन बनाए और 72 छक्के जड़कर क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उनकी इस शानदार परफॉर्मेंस के लिए उन्हें ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर और इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन जैसे कई अवॉर्ड मिले।
वर्तमान में वैभव सूर्यवंशी इंडिया ए की टीम के साथ ट्राई-नेशन सीरीज 2026 खेल रहे हैं। उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज और एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। अगर वह भारत के लिए खेलते हैं, तो वह सचिन तेंदुलकर के 37 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़कर भारत के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन जाएंगे। इसके अलावा वह 2025-26 सीजन के लिए बिहार रणजी टीम के उप-कप्तान भी नियुक्त किए गए हैं।