Bihar: मानव तस्करी रोकने के लिए पटना में बड़ी कॉन्फ्रेंस, CM सम्राट चौधरी ने कहा- अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
Bihar: पटना के ज्ञान भवन में लापता बच्चों और मानव तस्करी (Human Trafficking) की समस्या से निपटने के लिए Eastern Zonal Conference-cum-Consultation का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किय
Bihar: पटना के ज्ञान भवन में लापता बच्चों और मानव तस्करी (Human Trafficking) की समस्या से निपटने के लिए Eastern Zonal Conference-cum-Consultation का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। कॉन्फ्रेंस में बिहार के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) और मुख्य सचिव भी शामिल हुए ताकि राज्यों के बीच तालमेल बेहतर किया जा सके।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ तौर पर कहा कि बिहार सरकार मानव तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य न केवल तस्करी को रोकना है, बल्कि पीड़ितों को सुरक्षित माहौल देना और उन्हें वापस समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। इसके लिए ‘नया सवेरा 3.0’ अभियान का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पीड़ितों को स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के मौके मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से अब तक 1,200 से ज्यादा लापता बच्चों को बरामद किया गया है। इसके अलावा, ‘सहयोग शिविरों’ के जरिए करीब 6 लाख शिकायतें मिली थीं, जिनमें से 5.50 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा 30 दिनों के भीतर कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य से होने वाले पलायन को रोकना मानव तस्करी को कम करने का एक बड़ा जरिया बनेगा।
इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए अमानुल्लाह, पटना हाई कोर्ट के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और बिहार के एडवोकेट जनरल सत्यदर्शी संजय समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। पिछले तीन चरणों के ‘नया सवेरा’ अभियान के आंकड़ों पर नजर डालें तो 158 FIR दर्ज की गईं, 275 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 693 पीड़ितों को बचाया गया, जिनमें 322 महिलाएं और 371 पुरुष थे।
वहीं दूसरी ओर, भागलपुर से भी कुछ बड़ी खबरें सामने आई हैं। भागलपुर स्पेशल सेंट्रल जेल के अधीक्षक राजीव कुमार झा समेत चार लोगों के खिलाफ बीजेपी विधायक राकेश रंजन ओझा की शिकायत पर साजिश रचने का मामला दर्ज हुआ है। इसके अलावा, मुजफ्फरपुर पुलिस द्वारा भागलपुर के इशिपुर इलाके में बिना स्थानीय पुलिस को सूचित किए की गई छापेमारी को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर विवाद खड़ा हुआ है।