Bihar : मुख्यमंत्री Samrat Choudhary बिहार में पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने इको टूरिज्म और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सचिवालय मे
Bihar : मुख्यमंत्री Samrat Choudhary बिहार में पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने इको टूरिज्म और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री सचिवालय में पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक बुलाई गई है, जिसमें भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।
टूरिज्म को लेकर क्या हैं मुख्य योजनाएं?
मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्यटन को बढ़ाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इनमें मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- बाबा हरिहरनाथ मंदिर कॉरिडोर: सोनपुर के मंदिर परिसर के विकास के लिए 680 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर बनाया जाएगा।
- तातारपुर विकास: मुंगेर के तातारपुर में पर्यटन और सांस्कृतिक ढांचे के लिए कृषि विभाग से 15 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को ट्रांसफर की गई है।
- तालाबों का विकास: PPP मॉडल के तहत 350 बड़े तालाबों को पर्यटन स्थल बनाया जाएगा, जहां वाटर स्पोर्ट्स और कैफे जैसी सुविधाएं होंगी।
आने वाले कार्यक्रम और अन्य बड़े फैसले
CM Samrat Choudhary 26 अप्रैल 2026 को मुंगेर के असरगंज जाएंगे, जहां वे ढोल पहाड़ी पर इको टूरिज्म प्रोजेक्ट की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा सरकार ने कुछ और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
| क्षेत्र/प्रोजेक्ट |
विवरण |
| Aero Cities |
प्रमुख एयरपोर्ट्स के पास कमर्शियल और हॉस्पिटैलिटी हब का विकास |
| शहरी नियोजन |
पटना, गया और मुंगेर समेत 11 शहरों में मास्टर प्लान तक जमीन सौदों पर रोक |
| शिक्षा और पर्यटन |
स्कूली बच्चों को बापू टावर समेत 4 प्रमुख स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा |
| निवेश लक्ष्य |
नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य |
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिला स्तर पर सांस्कृतिक धरोहरों की पहचान कर उनकी ब्रांडिंग की जाए। साथ ही राज्य के 15 शहरों को आधुनिक बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।