Bihar में शिक्षा का बड़ा विस्तार, CM सम्राट चौधरी ने 211 नए डिग्री कॉलेज शुरू किए
Bihar/Bhagalpur: बिहार के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के हर ब्लॉक में उच्च शिक्षा पहुँचाने के लिए 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि छा
Bihar/Bhagalpur: बिहार के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के हर ब्लॉक में उच्च शिक्षा पहुँचाने के लिए 211 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि छात्रों को पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर न जाना पड़े और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही अच्छी शिक्षा मिल सके।
इस पूरे अभियान की शुरुआत 15 जुलाई 2026 को भागलपुर के गोराडीह स्थित कासिल के नए सरकारी डिग्री कॉलेज से हुई। मुख्यमंत्री ने इसे बिहार के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि ये कॉलेज सिर्फ डिग्री देने के लिए नहीं हैं, बल्कि इनका मकसद छात्रों में नेतृत्व क्षमता बढ़ाना, रिसर्च को बढ़ावा देना और उनमें सामाजिक जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है। सरकार का मानना है कि शिक्षा ही बिहार की खुशहाली का आधार बनेगी और राज्य को ज्ञान और इनोवेशन का केंद्र बनाएगी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कई और बड़े ऐलान भी किए। भागलपुर में एक नया Artificial Intelligence (AI) और Computer Science University बनाया जाएगा, जो भारत की दूसरी स्पेशलाइज्ड AI यूनिवर्सिटी होगी। इसके अलावा मुजफ्फरपुर में Architecture और Civil Engineering यूनिवर्सिटी बनाने की योजना है और चार नए प्राइवेट विश्वविद्यालयों को भी मंजूरी दी गई है। साथ ही, प्राचीन विक्रमशिला यूनिवर्सिटी को आधुनिक रूप में फिर से स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके लिए 220 एकड़ जमीन ट्रांसफर की जा चुकी है।
इन कॉलेजों की व्यवस्था को लेकर सरकार ने ठोस तैयारी की है। शुरुआती तौर पर हर कॉलेज को 50 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। फिलहाल ये कॉलेज किराए की या सरकारी इमारतों से चलेंगे, लेकिन बाद में इनके लिए अलग कैंपस बनेगा। ग्रामीण इलाकों में 5 एकड़ और शहरी इलाकों में 2.5 एकड़ जमीन पर स्थायी कैंपस बनाया जाएगा। जो लोग जमीन दान करेंगे, कॉलेजों का नाम उन्हीं के नाम पर रखा जाएगा। शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए 3,687 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इन कॉलेजों में छात्रों का काफी उत्साह दिख रहा है और अब तक 60,000 से ज्यादा छात्र एडमिशन ले चुके हैं। शुरुआती सत्र में हिंदी और इतिहास जैसे विषय सबसे ज्यादा लोकप्रिय रहे हैं। इसके अलावा, आने वाले विधानसभा सत्र में एक नया शिक्षा विधेयक लाया जाएगा। इस नए कानून के तहत अब अंडरग्रेजुएट कॉलेज राज्यपाल को रिपोर्ट नहीं करेंगे। इस बिल में शिक्षकों की राजनीतिक गतिविधियों और असिस्टेंट प्रोफेसरों की न्यूनतम योग्यता को लेकर भी नए नियम शामिल होंगे।