Bihar: मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने सरकारी अफसरों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब अगर कोई अधिकारी आम लोगों की समस्याओं को समय पर हल नहीं करेगा, तो उसे सीधे सस्पेंड कर दिया जाएगा। सारण जिले के सोनपुर में एक जनसभा के
Bihar: मुख्यमंत्री Samrat Chaudhary ने सरकारी अफसरों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब अगर कोई अधिकारी आम लोगों की समस्याओं को समय पर हल नहीं करेगा, तो उसे सीधे सस्पेंड कर दिया जाएगा। सारण जिले के सोनपुर में एक जनसभा के दौरान उन्होंने साफ कहा कि जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने नहीं पड़ने चाहिए और काम में देरी बर्दाश्त नहीं होगी।
शिकायत समाधान के लिए क्या है नया टाइमलाइन नियम
मुख्यमंत्री ने शिकायतों के निपटारे के लिए एक तय समय सीमा बनाई है ताकि अफसरों की जवाबदेही तय हो सके। इस नए सिस्टम के तहत 10वें दिन यह देखा जाएगा कि आवेदक को जवाब मिला या नहीं। अगर अपडेट नहीं मिलता है, तो 20वें दिन संबंधित अधिकारी को नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद 25वें दिन दूसरा नोटिस जारी होगा और अगर 30 दिन तक समस्या हल नहीं हुई, तो 31वें दिन अधिकारी को अपने आप सस्पेंड कर दिया जाएगा।
‘सहयोग’ पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 से मिलेगी मदद
सरकार ने जनता की मदद के लिए ‘सहयोग’ पोर्टल और 1100 हेल्पलाइन नंबर शुरू किया है। इसे ‘सहयोग की त्रिवेणी’ कहा जा रहा है, जिसमें हेल्पलाइन, पोर्टल और पंचायत स्तर पर लगने वाले शिविर शामिल हैं। इसके अलावा, हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अधिकारी तीन पंचायतों और मंत्री तीन ब्लॉकों का दौरा करेंगे। इस दौरान स्कूल, पुलिस स्टेशन और ब्लॉक ऑफिस से जुड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और CCTV से होगी निगरानी
CM Samrat Chaudhary ने भ्रष्टाचार और गंभीर अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। अब पुलिस स्टेशनों, ब्लॉक और अंचल कार्यालयों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की निगरानी जिला स्तर पर DM और SP करेंगे, जबकि पटना से भी इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। सरकार का खास फोकस जमीन विवादों को सुलझाने पर है, क्योंकि राज्य में होने वाले करीब 60 प्रतिशत हत्या के मामले जमीन विवाद की वजह से होते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अधिकारियों को शिकायत हल करने के लिए कितना समय दिया गया है
मुख्यमंत्री ने 30 दिन का समय तय किया है। 10वें दिन रिव्यू, 20वें दिन पहला नोटिस और 25वें दिन दूसरा नोटिस दिया जाएगा। 31वें दिन अधिकारी को सस्पेंड कर दिया जाएगा।
जनता अपनी शिकायतें कहाँ दर्ज करा सकती है
लोग अपनी शिकायतें ‘सहयोग’ पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं या 1100 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा पंचायत स्तर पर लगने वाले शिविरों में भी शिकायत दी जा सकती है।