Bihar में शराबबंदी से महिलाओं को मिली आजादी, CM सम्राट चौधरी बोले- अब लोग ज्यादा पूजा-पाठ और धार्मिक यात्राएं कर रहे हैं
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में लागू शराबबंदी के असर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद बिहार के लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है और अब लोग नशे के बजाय पूजा-पाठ और धार्मिक यात्राओं
Bihar: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में लागू शराबबंदी के असर को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद बिहार के लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है और अब लोग नशे के बजाय पूजा-पाठ और धार्मिक यात्राओं की ओर ज्यादा झुक रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक हित में लिया गया एक साहसिक फैसला बताया है।
मुख्यमंत्री ने ‘नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का उद्घाटन करते हुए कहा कि शराबबंदी महिलाओं की मांग पर लागू की गई थी। इससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और उन्हें घरेलू अत्याचारों से आजादी मिली है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि अब बिहार के लोग देवघर, बनारस और कुशीनगर जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों की यात्राएं कर रहे हैं, जबकि शराब पीने वाले लोग अब बंगाल जाने लगे हैं।
इस अभियान के जरिए युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें राष्ट्र निर्माण से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ की शुरुआत की है, जिसका लक्ष्य 2047 तक भारत को नशा मुक्त और विकसित बनाना है। इस मुहिम के तहत देशभर के करीब 10,000 स्थानों पर एक करोड़ से ज्यादा युवा नशा मुक्ति की शपथ लेंगे।
बिहार के कई जिलों में इस अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बेगूसराय जैसे जिलों में समीक्षा बैठकें हुई हैं और गया कॉलेज समेत राज्य के चार प्रमुख संस्थानों को इस कार्यक्रम के लिए चुना गया है। ये संस्थान सीधे प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
राजस्व के मामले में चर्चा करें तो सरकारी आंकड़ों के मुताबिक शराबबंदी से राज्य को हर साल 28,000 करोड़ से 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ किया कि राजस्व के नुकसान के बावजूद बिहार का आर्थिक विकास तेजी से हुआ है और सार्वजनिक जगहों पर शराबबंदी का असर साफ दिख रहा है।