Bihar में आधुनिक परिवहन की शुरुआत, CM ने 400 इलेक्ट्रिक और नई डीलक्स बसों को दिखाई हरी झंडी
Bihar: बिहार के लोगों के लिए सफर अब और आसान और आरामदायक होने वाला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम में नई बसों का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना
Bihar: बिहार के लोगों के लिए सफर अब और आसान और आरामदायक होने वाला है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम में नई बसों का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की नई डीलक्स बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस योजना के तहत बिहार को कुल 400 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी, जिनमें 200 बसें 12 मीटर और 200 बसें 9 मीटर श्रेणी की हैं। इनमें से पहली बस का शुभारंभ कर दिया गया है। जुलाई 2026 तक पहले चरण की 200 बसें आने की उम्मीद है। इन बसों का वितरण इस तरह होगा कि 150 बसें पटना में और बाकी 50-50 बसें मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया में चलाई जाएंगी। महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए खास तौर पर 50 ‘पिंक बसें’ भी होंगी, जिनमें सिर्फ महिलाएं यात्रा कर सकेंगी।
इलेक्ट्रिक बसों के अलावा BSRTC के बेड़े में 149 नई डीलक्स बसें जोड़ी गई हैं, जिनमें 3 एसी और 73 नॉन-एसी बसें शामिल हैं। ये बसें बिहार से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और हरियाणा जैसे राज्यों के महत्वपूर्ण रूटों पर चलेंगी, जिससे अंतर्राज्यीय यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। इन बसों में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है ताकि सफर सुरक्षित और सुविधाजनक रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एनडीए सरकार के 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड भी जारी किया, जिसमें स्वास्थ्य और सुशासन जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकसित बिहार बनाने के लिए काम कर रही है। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, परिवहन मंत्री दामोदर रावत और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2023 में बदलाव कर रही है। इसके तहत ई-वाहन खरीदने वालों को 12,000 रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही, बिहार के 31 बस डिपो को पीपीपी मॉडल पर आधुनिक बनाने की तैयारी है, जिसके लिए जल्द ही बिडिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।