Bihar में ‘विकसित बिहार 2047’ के लिए मुख्यमंत्री फेलोज़ की तैनाती, पटना में हुआ भव्य ओरिएंटेशन प्रोग्राम

Bihar: राज्य सरकार ने बिहार को साल 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए युवाओं की काबिलियत और नए आइडियाज पर भरोसा जताया है। इसी कड़ी में पटना के अधिवेशन भवन (पुराना सचिवालय) में 106 मुख्यमंत्री फेल

Bihar: राज्य सरकार ने बिहार को साल 2047 तक एक विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए युवाओं की काबिलियत और नए आइडियाज पर भरोसा जताया है। इसी कड़ी में पटना के अधिवेशन भवन (पुराना सचिवालय) में 106 मुख्यमंत्री फेलोज़ के लिए एक बड़े ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल के जरिए प्रतिभाशाली युवाओं को सरकारी कामकाज और नीति बनाने की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा।

यह पूरा कार्यक्रम सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के तहत बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (BPSMS) द्वारा आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना (CMFS) को 9 सितंबर 2025 को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी थी। इस योजना को बिहार सरकार और IIM बोधगया के सहयोग से तैयार किया गया है, जिसके लिए 27 नवंबर 2025 को एक तीन साल का समझौता (MoU) साइन हुआ था।

कार्यक्रम के दौरान बिहार के विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने फेलोज़ को सलाह दी कि वे जमीन से जुड़कर काम करें और डेटा के आधार पर नीतियां बनाने पर जोर दें। उन्होंने ‘सहयोग शिविर’ जैसी पहल का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकारी सेवाओं को आखिरी व्यक्ति तक पहुँचाना ही असली लक्ष्य होना चाहिए। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने बताया कि यह योजना विकसित बिहार 2047 की नींव है और इसमें युवाओं का योगदान बहुत अहम होगा।

इस फेलोशिप की खास बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
कुल चयन 121 फेलोज़
पात्रता केवल बिहार के मूल निवासी (अधिकतम आयु 45 वर्ष)
मासिक मानदेय 80,000 रुपये से 1,50,000 रुपये तक
अवधि दो वर्ष
प्रशिक्षण IIM बोधगया में 40 दिनों का गहन ट्रेनिंग प्रोग्राम
सर्टिफिकेट लोक नीति और सुशासन में पोस्ट ग्रेजुएट प्रमाण-पत्र (IIM बोधगया)

चयनित फेलोज़ पहले IIM बोधगया में ट्रेनिंग लेंगे और उसके बाद राज्य प्रशासन के अलग-अलग महत्वपूर्ण ऑफिसों में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ काम करेंगे। इसका मकसद प्रशासनिक सुधार और नए नवाचारों को बढ़ावा देना है।

हाल ही में 11 जून 2026 को नई दिल्ली में नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में बिहार की भूमिका पर जोर दिया था। उन्होंने शिक्षा, रोजगार और कृषि जैसे क्षेत्रों में राज्य की प्रगति का जिक्र किया और केंद्र से सहयोग मांगा था।