Bihar के मुख्यमंत्री की प्रवासी बिहारियों से अपील, कर्मभूमि का अनुभव जन्मभूमि में लगाने का दिया मौका
Bihar: मुख्यमंत्री ने राज्य से बाहर काम कर रहे बिहारियों से अपील की है कि वे अपनी कर्मभूमि का अनुभव और संसाधन अपनी जन्मभूमि के विकास में लगाएं। पटना में आयोजित ईस्टर्न रीजनल कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अब ब
Bihar: मुख्यमंत्री ने राज्य से बाहर काम कर रहे बिहारियों से अपील की है कि वे अपनी कर्मभूमि का अनुभव और संसाधन अपनी जन्मभूमि के विकास में लगाएं। पटना में आयोजित ईस्टर्न रीजनल कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बिहार में ऐसा माहौल बन गया है कि लोग वापस लौटकर अपने राज्य को मजबूत बनाने में योगदान दे सकते।
मुख्यमंत्री ने माना कि जब तक राज्य के भीतर पर्याप्त रोजगार के अवसर पैदा नहीं हो जाते, तब तक पलायन को पूरी तरह रोकना मुश्किल होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार नए रोजगार सृजित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बाहर जाकर काम करना गलत नहीं है, लेकिन बिहार में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास जरूरी है ताकि मजबूरी में लोगों को अपना घर न छोड़ना पड़े।
कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ए. अमनुल्ला, पटना हाई कोर्ट के जस्टिस राजीव रंजन प्रसाद और मोहित जे. शाह समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में लापता बच्चों की तलाश और मानव तस्करी को रोकने जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सरकार पूरी मदद करेगी।
रोजगार के मोर्चे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवाओं के लिए तीन नए विभाग – युवा, रोजगार और कौशल विकास की स्थापना की जानकारी दी। सरकार का लक्ष्य शिक्षा और एंटरप्रेन्योरशिप के जरिए हर युवा को सशक्त बनाना है। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि PDS रिकॉर्ड के मुताबिक बिहार से पलायन की दर में कमी आई है। उन्होंने गंगा, गंडक और कोसी जैसी नदियों के प्रबंधन और बाढ़-सूखे जैसी भौगोलिक चुनौतियों से निपटने पर भी जोर दिया।