Bihar: पश्चिम चंपारण के बगहा में चनपटिया चीनी मिल को दोबारा चालू करने की कवायद अब और तेज हो गई है। हाल ही में NFCFS की एक टीम ने गंडक बराज का बारीकी से निरीक्षण किया है। इस टीम का मकसद इलाके में सिंचाई की व्यवस्था और गन्
Bihar: पश्चिम चंपारण के बगहा में चनपटिया चीनी मिल को दोबारा चालू करने की कवायद अब और तेज हो गई है। हाल ही में NFCFS की एक टीम ने गंडक बराज का बारीकी से निरीक्षण किया है। इस टीम का मकसद इलाके में सिंचाई की व्यवस्था और गन्ने की पैदावार की मौजूदा स्थिति को समझना था ताकि मिल को फिर से चलाने की योजना पर काम आगे बढ़ सके। लंबे समय से बंद पड़ी इस मिल के खुलने की खबर से स्थानीय किसानों में एक बार फिर उम्मीद जगी है।
टीम के दौरे और निरीक्षण की खास बातें
- NFCFS टीम ने गंडक बराज पहुंचकर पानी की उपलब्धता और सिंचाई के बुनियादी ढांचे का जायजा लिया।
- मिल को फिर से चलाने के लिए अभी एक फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
- टीम ने यह भी देखा कि इलाके में गन्ने का उत्पादन बढ़ाने की कितनी संभावनाएं हैं।
- इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मिल को आर्थिक और तकनीकी रूप से चलाने का रास्ता निकालना है।
मिल चालू होने से आम जनता को क्या फायदा होगा?
चनपटिया चीनी मिल के बंद होने से इलाके की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा असर पड़ा था। अगर यह मिल फिर से शुरू होती है, तो पश्चिम चंपारण के हजारों गन्ना किसानों को बड़ा सहारा मिलेगा। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूसरे जिलों में नहीं भटकना पड़ेगा। सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त होने से खेती को भी नया जीवन मिलेगा। फिलहाल इस फीजिबिलिटी रिपोर्ट के आने का इंतजार किया जा रहा है।