Bihar : राज्य में Census 2027 यानी जनगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस काम में किसी भी तरह की रुकावट डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जनगणना के काम में बाधा डालने या जानकारी छुपाने पर जेल
Bihar : राज्य में Census 2027 यानी जनगणना की तैयारियां शुरू हो गई हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस काम में किसी भी तरह की रुकावट डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। जनगणना के काम में बाधा डालने या जानकारी छुपाने पर जेल और जुर्माने का प्रावधान है, ताकि डेटा एकदम सही तरीके से इकट्ठा किया जा सके।
जनगणना में बाधा डालने पर क्या होगी सजा
Census Act 1948 के सेक्शन 11 के तहत नियम बनाए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति या सरकारी कर्मचारी जनगणना के काम में रुकावट डालता है या अपनी ड्यूटी करने से मना करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही 1,000 रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। यह नियम आम जनता और जनगणना अधिकारियों, दोनों पर लागू होता है।
बिहार में कब होगा जनगणना का काम
बिहार में जनगणना की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी। इसकी मुख्य तारीखें नीचे दी गई हैं:
| चरण (Phase) |
तारीख/समय |
| Self-enumeration (खुद जानकारी भरना) |
17 अप्रैल से 1 मई, 2026 |
| House-listing (मकानों की सूची) |
2 मई से 31 मई, 2026 |
| Population Enumeration (जनसंख्या गणना) |
फरवरी 2027 |
डिजिटल होगा Census 2027, क्या हैं खास नियम
इस बार की जनगणना पूरी तरह से डिजिटल होगी, जिसमें मोबाइल ऐप और पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। बिहार के बाहर पढ़ने वाले छात्र फिलहाल self-enumeration फॉर्म नहीं भर सकेंगे, लेकिन किराए पर रहने वाले लोग और प्रवासी मजदूर पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इकट्ठा की गई सारी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी और इसका इस्तेमाल सिर्फ सरकारी योजनाओं और पॉलिसी बनाने के लिए होगा।