Bihar: राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब सीवान ग्रामीण समेत पांच जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) के नए पद बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 13 मई 202
Bihar: राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब सीवान ग्रामीण समेत पांच जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) के नए पद बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 13 मई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी है। इससे गांव-देहात में पुलिसिंग बेहतर होगी और अपराधियों पर लगाम लगेगी।
किन जिलों में होगी ग्रामीण एसपी की तैनाती और क्या है वजह
गृह विभाग ने अपराध और सांप्रदायिक तनाव के आधार पर पांच जिलों का चयन किया है। इनमें पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान शामिल हैं। इन इलाकों में शराब तस्करी, जमीन विवाद और संगठित अपराध जैसी समस्याएं काफी समय से बनी हुई हैं। ग्रामीण एसपी की नियुक्ति से इन समस्याओं का निपटारा तेजी से होने की उम्मीद है।
आम जनता को कैसे मिलेगा फायदा और क्या बदलेगा सिस्टम
नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिला एसपी अब मुख्य रूप से शहरी इलाकों और बड़े प्रशासनिक कामों को देखेंगे। वहीं, ग्रामीण एसपी का पूरा ध्यान प्रखंड और पंचायत स्तर की सुरक्षा पर होगा। इससे थानों की सीधी मॉनिटरिंग होगी और पुलिस रिस्पॉन्स टाइम कम होगा, जिससे लूट और जमीन विवाद जैसी घटनाओं में तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।
कैबिनेट बैठक में और कौन से बड़े फैसले लिए गए
पुलिसिंग के अलावा सरकार ने कर्मचारियों और महिलाओं के लिए भी कई घोषणाएं की हैं। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिससे यह अब 60% हो गया है। साथ ही महिलाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ शुरू की गई है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
किन 5 जिलों में ग्रामीण एसपी (Rural SP) तैनात किए जाएंगे
बिहार सरकार ने पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान जिलों में ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के पदों के सृजन को मंजूरी दी है।
ग्रामीण एसपी की नियुक्ति से पुलिसिंग में क्या बदलाव आएगा
अब जिला एसपी शहरी क्षेत्रों पर ध्यान देंगे, जबकि ग्रामीण एसपी विशेष रूप से प्रखंड और पंचायत स्तर की सुरक्षा, जमीन विवाद और ग्रामीण अपराधों की निगरानी के लिए जवाबदेह होंगे।