Bihar में पंचायतों की बढ़ेगी कमाई, 36 साल बाद परिसीमन को मिली मंजूरी; अब मुखिया वसूल सकेंगे टैक्स
Bihar: बिहार सरकार ने पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ग्राम पंचायतों के राजस्व बढ़ाने और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को
Bihar: बिहार सरकार ने पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ग्राम पंचायतों के राजस्व बढ़ाने और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से अब गांव की पंचायतें अपने विकास के लिए खुद पैसा जुटा सकेंगी और सरकार पर उनकी निर्भरता कम होगी।
कैबिनेट ने ‘ग्राम पंचायत कर, दर और शुल्क नियमावली, 2026’ के मसौदे को हरी झंडी दे दी है। इस नए नियम के तहत अब ग्राम पंचायतों को अपने इलाके में टैक्स और यूजर चार्ज लगाने का अधिकार मिल गया है। अब पंचायतें संपत्ति पर होल्डिंग टैक्स, दुकान और व्यवसायों पर शुल्क, विज्ञापनों, होर्डिंग्स और उद्योगों से टैक्स वसूल सकेंगी। साथ ही, पंचायत द्वारा दी जाने वाली सेवाओं के लिए भी शुल्क लिया जा सकेगा।
| विवरण | नियम/सीमा |
|---|---|
| होल्डिंग टैक्स की सीमा | 50 रुपये से 5000 रुपये तक |
| टैक्स के स्रोत | संपत्ति, व्यवसाय, विज्ञापन, उद्योग और सेवा शुल्क |
| परिसीमन का आधार | 2011 की जनगणना के आंकड़े |
| परिसीमन का अंतराल | लगभग 36 साल बाद |
| कुल मंजूर प्रस्ताव | 30 प्रस्ताव |
राजस्व के साथ-साथ सरकार ने परिसीमन को भी मंजूरी दी है। बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों का नया निर्धारण होगा। यह प्रक्रिया 36 साल बाद हो रही है, जिससे जनसंख्या के हिसाब से जनप्रतिनिधियों का सही वितरण होगा और आरक्षित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा।
कैबिनेट सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने इन फैसलों की जानकारी दी। वहीं, मुखिया संघ के प्रदेश सचिव राजू बैठा और पूर्वी चंपारण के अध्यक्ष शशि भूषण सिंह ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है। उनका कहना है कि इससे स्थानीय शासन मजबूत होगा और विकास योजनाओं को जमीन पर बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा।