Bihar: बक्सर जिले के सोनवर्षा गांव में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के आठ सदस्य अचानक बीमार पड़ गए। बाजार से खरीदे गए तरबूज को खाने के बाद परिवार के लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घट
Bihar: बक्सर जिले के सोनवर्षा गांव में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के आठ सदस्य अचानक बीमार पड़ गए। बाजार से खरीदे गए तरबूज को खाने के बाद परिवार के लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कौन-कौन हुए बीमार और अब क्या है स्थिति
बीमार होने वालों में इंद्रासन शाह, उनकी पत्नी लीलावती देवी, बेटी गीता देवी, बहू कविता देवी, उनके दो बच्चे काव्य और गोलू शाह और एक अन्य बहू रिंकी देवी शामिल हैं। चार महीने की गर्भवती रिंकी देवी की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर भेजा गया था। सदर अस्पताल के डॉ. अमलेश कुमार के मुताबिक, सात लोगों का इलाज किया गया जिनमें से पांच अब स्वस्थ हैं, जबकि लीलावती देवी और गीता देवी अभी भी अस्पताल में निगरानी में हैं।
बीमारी की वजह क्या हो सकती है
डॉ. सरस्वती चंद्र मिश्रा ने बताया कि तरबूज को ज्यादा लाल दिखाने के लिए उसमें रसायनों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। आशंका है कि नाइट्रेट, कृत्रिम रंग या कार्बाइड जैसे केमिकल की वजह से यह समस्या हुई। इसके अलावा, अगर कटे हुए तरबूज को लंबे समय तक खुला रखा जाए, तो उस पर मक्खियां बैठने से बैक्टीरिया पनपते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच और जरूरी सावधानियां
सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार प्रसाद चक्रवर्ती ने फूड इंस्पेक्टर को मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि पता चल सके कि तरबूज में कौन सा रसायन था। विभाग ने लोगों से अपील की है कि बहुत ज्यादा चटक लाल रंग के तरबूज न खरीदें। तरबूज खरीदने के बाद उसे अच्छी तरह धोएं और अगर सतह पर सफेद पाउडर दिखे तो उसे साफ करें। तरबूज का एक टुकड़ा पानी में डालकर देखें, अगर रंग घुलने लगे तो उसे न खाएं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बक्सर में तरबूज खाने से कितने लोग बीमार हुए?
बक्सर के सोनवर्षा गांव में एक ही परिवार के कुल आठ सदस्य बीमार हुए, जिनमें बच्चे और एक गर्भवती महिला भी शामिल थीं।
डॉक्टरों के अनुसार तरबूज में क्या समस्या हो सकती है?
डॉक्टरों का मानना है कि तरबूज को लाल दिखाने के लिए इस्तेमाल किए गए नाइट्रेट या कृत्रिम रंगों और खुले में रखे होने के कारण बैक्टीरिया या फूड पॉइजनिंग की वजह से लोग बीमार हुए।