Bihar: बक्सर जिले के दौरानसराय गांव में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां घनश्याम शाह नाम का व्यक्ति करीब 30 साल बाद अचानक अपने घर लौट आया। घनश्याम साल 1992 में बक्सर बस स्टैंड से लापता हो गए थे, जिसक
Bihar: बक्सर जिले के दौरानसराय गांव में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां घनश्याम शाह नाम का व्यक्ति करीब 30 साल बाद अचानक अपने घर लौट आया। घनश्याम साल 1992 में बक्सर बस स्टैंड से लापता हो गए थे, जिसके बाद परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था।
कैसे हुआ परिवार से पुनर्मिलन
घनश्याम शाह, जिन्हें लोग घनश्याम तेरी के नाम से भी जानते हैं, 15 जुलाई 2022 को अचानक अपने गांव पहुंचे। उनकी पत्नी मुन्नी देवी और परिवार के अन्य सदस्य उन्हें देखकर दंग रह गए। इतने लंबे समय तक लापता रहने के कारण पत्नी मुन्नी देवी ने उनका श्राद्ध कर्म भी कर दिया था। इस घटना के बाद पूरे गांव में खुशी का माहौल रहा और लोगों ने पारंपरिक विवाह समारोह आयोजित कर इस मिलन का जश्न मनाया।
गुमशुदा लोगों को मिलाने में कौन सी एजेंसियां करती हैं मदद
बिहार में बिछड़े हुए लोगों को उनके परिवार से मिलाने के लिए कई संस्थाएं काम कर रही हैं। इसमें Railway Protection Force (RPF) की भूमिका अहम रहती है, जो मानसिक रूप से बीमार या लापता लोगों की पहचान कर उन्हें घर भेजती है। इसके अलावा आधार कार्ड के जरिए भी कई बच्चों और बड़ों की पहचान आसान हुई है। कुछ मामलों में NGO और रेडियो उत्साही लोग भी पुलिस के साथ मिलकर ऐसे काम करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
घनश्याम शाह कितने समय बाद अपने परिवार से मिले?
घनश्याम शाह बक्सर बस स्टैंड से लापता होने के लगभग 30 साल बाद 15 जुलाई 2022 को अपने परिवार से मिले।
लापता होने के बाद परिवार ने क्या किया था?
घनश्याम के इतने लंबे समय तक न मिलने पर उनकी पत्नी मुन्नी देवी और परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था और उनका श्राद्ध कर्म भी कर दिया था।