Bihar के कई शहरों में चला बुलडोजर, पटना में आनंद कुमार हत्याकांड का हुआ खुलासा

Bihar: राज्य के अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने सरकारी जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पटना, मुजफ्फरपुर और सहरसा जैसे शहरों में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाए गए। वहीं दूसरी तरफ, पटना पुलिस ने आनंद कुमार ह

Bihar: राज्य के अलग-अलग जिलों में प्रशासन ने सरकारी जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पटना, मुजफ्फरपुर और सहरसा जैसे शहरों में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाए गए। वहीं दूसरी तरफ, पटना पुलिस ने आनंद कुमार हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

पटना में आनंद कुमार की लाश 30 मई 2026 को बेउर थाना इलाके के पास मिली थी। सिटी एसपी (वेस्ट) साकेत कुमार की देखरेख में बनी SIT ने इस मामले की जांच की। पुलिस ने बताया कि यह एक सुपारी किलिंग थी, जो परिवार के बीच जमीन के पुराने विवाद की वजह से हुई। इस मामले में उमेश कुमार उर्फ सुतली राय को 4 जून को ही पकड़ लिया गया था, जिसके बाद गुरुवार रात चार और आरोपियों—राजीव कुमार, आदर्श कुमार उर्फ गोलू, रोशन कुमार और गौरी शंकर को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। इस केस के शूटर गोलू कुमार, प्रिंस कुमार और मयंक कुमार पहले से ही Didarganj थाने के एक दूसरे मामले में जेल में हैं।

दूसरी ओर, बिहार सरकार ने सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने मार्च 2026 से इस मुहिम की घोषणा की थी, जिसके तहत 1 अप्रैल से पूरे राज्य में कार्रवाई शुरू हुई। पटना में डीएम कुंदन कुमार के निर्देश पर 30 जून को कई अंचलों जैसे कंकड़बाग, दानापुर और फुलवारी शरीफ में अवैध झुग्गियां और ठेले हटाए गए। इस एक दिन की कार्रवाई में 55,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया, जबकि अब तक कुल जुर्माना 16,84,850 रुपये हो चुका है।

मुजफ्फरपुर में भी 3 जुलाई को कलेक्ट्रेट परिसर में बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन पर बनी एक दर्जन से ज्यादा अवैध दुकानों और होटलों को गिराया गया। SDO ईस्ट तुषार कुमार ने साफ किया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं सहरसा में NH-327E और NH-107 से अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन ने 299 लोगों को नोटिस जारी किया था। डीएम दीपेश कुमार और एसपी विक्रम सिहाग खुद इस अभियान की निगरानी कर रहे हैं। सरकार ने यह भी कहा है कि गरीबों के पुनर्वास का इंतजाम करने के बाद ही उन्हें हटाया जाएगा और फर्जी दस्तावेजों की जांच के लिए ‘उड़न दस्तावेज’ टीमें बनाई गई हैं।