Bihar: राज्य में पुलों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट ने सभी बड़े पुलों की इमरजेंसी सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि घटिया निर्
Bihar: राज्य में पुलों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट ने सभी बड़े पुलों की इमरजेंसी सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कर दिया है कि घटिया निर्माण और लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
72 घंटे में रिपोर्ट अपलोड करने का आदेश क्यों दिया गया
बिहार के रोड कंस्ट्रक्शन डिपार्टमेंट के सचिव पंकज कुमार पाल ने 9 मई 2026 को एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस मीटिंग में तय हुआ कि सभी इंजीनियर पुलों का निरीक्षण करेंगे और उसकी रिपोर्ट 72 घंटे के भीतर PMIS पोर्टल पर अपलोड करेंगे। इसमें जियो-टैग्ड फोटो और मटेरियल टेस्टिंग रिपोर्ट डालना अनिवार्य है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
पुलों की जांच में कौन सी नई तकनीक का इस्तेमाल होगा
राज्य सरकार ने ‘बिहार स्टेट ब्रिज मैनेजमेंट एंड मेंटेनेंस पॉलिसी 2025’ लागू की है। इसके तहत अब पुलों की सेहत जांचने के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। ड्रोन और सेंसर के जरिए पुलों की निगरानी होगी और 3D डिजिटल ट्विन्स बनाए जाएंगे जिससे किसी भी खतरे का पहले ही पता चल सके।
कौन सी एजेंसियां और संस्थान इस काम में जुटे हैं
इस पूरी प्रक्रिया में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) और बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। तकनीकी मदद के लिए IIT दिल्ली और IIT पटना से हेल्थ रिपोर्ट और असेसमेंट लिया जा रहा है। इसके अलावा, NHAI के नियंत्रण वाले नेशनल हाईवे के पुलों पर भी यही सुरक्षा नियम लागू होंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पुलों की सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट कहां अपलोड होगी?
सभी इंजीनियरों को अपनी निरीक्षण रिपोर्ट, जियो-टैग्ड फोटो और टेस्टिंग डेटा को विभाग के PMIS (मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
बिहार की नई ब्रिज पॉलिसी 2025 में क्या खास है?
यह पॉलिसी 6 जून 2025 से लागू हुई है। इसमें पुलों के रखरखाव के लिए AI, मशीन लर्निंग, ड्रोन और सेंसर जैसी आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का प्रावधान है ताकि हादसों को रोका जा सके।