Bihar : राज्य में पिछले कुछ समय से पुलों के गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस गंभीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट की फटकार के बाद बिहार सरकार ने अब ‘पुल प्रबंधन-संधार
Bihar : राज्य में पिछले कुछ समय से पुलों के गिरने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस गंभीर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। कोर्ट की फटकार के बाद बिहार सरकार ने अब ‘पुल प्रबंधन-संधारण नीति-2025’ लागू की है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके और पुलों की मजबूती सुनिश्चित की जा सके।
बिहार की नई पुल नीति-2025 में क्या खास है?
सरकार ने पुलों की देखभाल के लिए एक नया सिस्टम बनाया है। अब हर पुल का एक ‘हेल्थ कार्ड’ बनेगा और उनकी नियमित जांच होगी। पुलों को उनके जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों (कम, मध्यम और उच्च) में बांटा गया है। जिन पुलों पर खतरा ज्यादा होगा, उनकी निगरानी और मरम्मत पहले की जाएगी। साथ ही, बारिश और बाढ़ के बाद हर महीने पुलों का निरीक्षण करना अनिवार्य होगा।
पुलों की मजबूती के लिए किन संस्थाओं की मदद ली जा रही है?
पुलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट और डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम के लिए बिहार सरकार ने IIT Delhi और IIT Patna के साथ समझौता (MoU) किया है। अब थर्ड-पार्टी ऑडिट की व्यवस्था होगी, जिसमें इंजीनियरिंग कॉलेज और NABL प्रमाणित संस्थान शामिल होंगे। इसके अलावा, जिला स्तर पर ब्रिज मॉनिटरिंग सेल बनाने और एक अलग ‘ब्रिज मेंटेनेंस फंड’ बनाने का प्रस्ताव भी है ताकि पैसों की कमी से मरम्मत न रुके।
हाल ही में किन जिलों में पुल ढहे और क्या रही वजह?
मई 2026 में भागलपुर के विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा नदी में गिर गया, जिसका कारण 2020-21 के बाद रखरखाव की कमी बताया गया। वहीं 23 मई 2026 को अररिया जिले में परमान नदी पर बना झमटा-महिषाकोल पुल धंस गया। यह पुल 2022 में ही बना था और अभी वारंटी पीरियड (DLP) में था, जिसके बाद ठेकेदार प्रकाश कंस्ट्रक्शन को नोटिस जारी किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार सरकार की नई पुल नीति-2025 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस नीति का उद्देश्य पुलों का उच्च तकनीक से निरीक्षण करना, उनका नियमित रखरखाव करना और हर पुल का हेल्थ कार्ड बनाकर उसकी मजबूती की निगरानी करना है।
पुलों के ऑडिट के लिए सरकार ने किन संस्थानों के साथ हाथ मिलाया है?
बिहार सरकार ने पुलों के स्ट्रक्चरल ऑडिट और डिजिटल मैनेजमेंट सिस्टम विकसित करने के लिए IIT Delhi और IIT Patna के साथ समझौता किया है।