Bihar: पटना के गांधी मैदान और जेपी गोलंबर पर BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती के विज्ञापन में देरी को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए ल
Bihar: पटना के गांधी मैदान और जेपी गोलंबर पर BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती के विज्ञापन में देरी को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। इस हिंसा में कई छात्र और महिलाएं घायल हुए हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
छात्र नेता की गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार को पुलिस ने जेपी गोलंबर से हिरासत में ले लिया। उन्हें गांधी मैदान थाना से गर्दनीबाग अस्पताल भेजा गया। दिलीप कुमार ने आरोप लगाया कि नौकरी मांगने पर छात्रों को जेल भेजा जा रहा है। पुलिस ने दिलीप कुमार सहित 4 नामजद और 5000 अज्ञात लोगों पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिस के साथ बदसलूकी का मामला दर्ज किया है।
छात्रों की मुख्य मांगें क्या हैं
प्रदर्शनकारी छात्र BPSC TRE-4 की अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- भर्ती प्रक्रिया को प्री और मेन्स के बजाय एकल चरण (Single Stage) रखा जाए।
- पदों की संख्या कम न की जाए, क्योंकि पहले 1.20 लाख पदों का आश्वासन मिला था।
- उम्र सीमा समाप्त होने वाले अभ्यर्थियों को राहत दी जाए।
शिक्षा मंत्री का आश्वासन और भर्ती की स्थिति
बिहार के नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छात्रों से आंदोलन खत्म करने की अपील की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि TRE-4 भर्ती जल्द जारी होगी और किसी प्रक्रिया को रोका नहीं जाएगा। विभाग में ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ लागू करने और एक हफ्ते में समाधान निकालने की बात कही गई है। फिलहाल 46,882 शिक्षकों की नियुक्ति प्रस्तावित है और लिखित परीक्षा 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच होने की संभावना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
BPSC TRE-4 भर्ती में कितने पदों पर नियुक्ति होनी है?
कुल 46,882 शिक्षकों की नियुक्ति प्रस्तावित है। इसमें शिक्षा विभाग के साथ-साथ पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति-जनजाति और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग शामिल हैं।
TRE-4 परीक्षा का संभावित समय और पैटर्न क्या है?
लिखित परीक्षा 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच हो सकती है। BPSC ने इसके लिए दो-चरणीय प्रारूप (प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा) लागू किया है।