Bihar के भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ के बाद बवाल, 6 पुलिसकर्मी निलंबित, सड़क जाम कर ग्रामीणों का प्रदर्शन
Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक युवक की मौत के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया है। मृतक भरत भूषण तिवारी का शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आरा-ब
Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान एक युवक की मौत के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया है। मृतक भरत भूषण तिवारी का शव गांव पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आरा-बक्सर फोरलेन (NH-922) को जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई, जिसमें भीड़ को हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
घटना की शुरुआत बुधवार, 17 जून 2026 को हुई जब शाहपुर के बिलौटी गांव में बिहार पुलिस और STF की कथित मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी के पैरों में गोली लगी। उसे इलाज के लिए PMCH पटना ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि भरत पिस्टल लहरा रहा था और उसने पुलिस टीम पर दो दर्जन से ज्यादा फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने तीन राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस ने मौके से एक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और मैगजीन बरामद की है।
दूसरी तरफ, मृतक के परिजनों ने पुलिस के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, फिर भी उसे गोली मार दी गई। मृतक की मां ने यह भी आरोप लगाया कि यह घटना जगदीशपुर एसडीएम के इशारे पर हुई है। शाहपुर के पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने भी इस मुठभेड़ की जरूरत पर सवाल उठाए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर एसपी राज की सिफारिश पर बड़ी कार्रवाई की गई है। शाहाबाद रेंज के डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने शाहपुर थाना अध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार, एक सब-इंस्पेक्टर, एक एएसआई और कई कांस्टेबलों समेत कुल 6 पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। फिलहाल घटनास्थल की जांच के लिए FSL की टीम पहुंची है और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया है।