Bihar के भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ पर बवाल, भरत तिवारी की मां ने मांगी दोषियों को फांसी

Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की मुठभेड़ में 28 साल के भरत तिवारी की मौत के बाद इलाके में तनाव है। मृतक की मां आशा देवी ने अपने बेटे के हत्यारों के लिए मौत की सजा की मांग की है। उन्होंन

Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की मुठभेड़ में 28 साल के भरत तिवारी की मौत के बाद इलाके में तनाव है। मृतक की मां आशा देवी ने अपने बेटे के हत्यारों के लिए मौत की सजा की मांग की है। उन्होंने कसम खाई है कि जब तक उनके बेटे को न्याय नहीं मिलता, वह उसका श्राद्ध कर्म नहीं करेंगी।

यह पूरा मामला 17 जून 2026 का है। भोजपुर पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी ने पुलिस टीम पर 10-12 राउंड फायरिंग की थी, जिसके बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई। इसमें वह घायल हो गया और इलाज के दौरान PMCH पटना में उसकी मौत हो गई। वहीं, परिवार का आरोप है कि यह एक फर्जी मुठभेड़ थी और भरत को आत्मसमर्पण के बाद गोली मारी गई। परिवार ने यह भी दावा किया है कि पुलिस ने भरत का एक मोबाइल फोन अपने पास रखा है, जिसमें पूरी घटना के सबूत मौजूद हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, जिसकी निगरानी एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज करेंगे। इस बीच, 23 जून को जगदीशपुर SDPO और शाहपुर थानाध्यक्ष समेत मुठभेड़ में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शाहपुर के SHO राजेश कुमार मलकार, एक SI और एक कांस्टेबल को पहले ही लापरवाही के आरोप में निलंबित किया जा चुका है।

इस घटना के बाद अब कानूनी लड़ाई पटना हाई कोर्ट तक पहुंच गई है। एक वकील ने जनहित याचिका (PIL) दायर कर सीबीआई (CBI) जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही परिवार की सुरक्षा और मुआवजे की अपील भी की गई है।

स्थानीय स्तर पर भी भारी आक्रोश है। भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। वहीं, बेतिया के एक युवक ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर भरत तिवारी के घर के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। परिवार ने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह कर लेंगे।