Bihar में पशुपालन ऑफिस का चपरासी निकला करोड़पति, महिंद्रा थार और 34 संपत्तियों के कागजात बरामद
Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के गड़हनी में पशु चिकित्सालय में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के तौर पर काम करने वाले शिवानंद कुमार सिंह की असलियत सामने आई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जब छापेमारी की तो पता चला कि एक चपरासी के पद
Bihar/Bhojpur: भोजपुर जिले के गड़हनी में पशु चिकित्सालय में चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी के तौर पर काम करने वाले शिवानंद कुमार सिंह की असलियत सामने आई है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जब छापेमारी की तो पता चला कि एक चपरासी के पद पर रहते हुए उन्होंने करोड़ों की संपत्ति बना ली है। जांच में उनकी आय से कहीं अधिक संपत्ति मिलने के बाद अब उन पर कानूनी शिकंजा कस गया है।
निगरानी ब्यूरो की तीन अलग-अलग टीमों ने पटना की विशेष अदालत से वारंट लेकर शिवानंद कुमार सिंह के घर, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान टीम को भारी मात्रा में जमीन और मकानों के दस्तावेज मिले। जांच में यह बात सामने आई कि शिवानंद ने अपनी वैध कमाई से करीब 253.8 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति जमा की है। उनकी आय से अधिक संपत्ति का कुल मूल्य 1 करोड़ 6 लाख 62 हजार 770 रुपये आंका गया है।
छापेमारी के दौरान बरामद की गई संपत्तियों का ब्योरा नीचे दिया गया है:
| बरामद संपत्ति | विवरण | अनुमानित मूल्य |
|---|---|---|
| अचल संपत्ति | 34 जमीन और मकान (शिवानंद और पत्नी के नाम) | ₹1.11 करोड़ से अधिक |
| वाहन | 1 महिंद्रा थार और 2 मोटरसाइकिल | ₹17.24 लाख |
| दस्तावेज | 3 एग्रीमेंट, 15 खरीद-बिक्री डीड, 12 विक्रय डीड, 1 मॉर्गेज डीड | – |
| बैंक खाते | 5 अलग-अलग बैंक खातों के दस्तावेज | – |
निगरानी विभाग ने शिवानंद कुमार सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। निगरानी थाने में कांड संख्या 0-087/26 दर्ज किया गया है। फिलहाल विभाग बरामद दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रहा है और आने वाले समय में इस मामले में और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।