Bihar: भोजपुर एनकाउंटर मामले में राष्ट्रपति सचिवालय ने लिया संज्ञान, मुख्य सचिव को दिए जांच के निर्देश
Bhojpur: बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लिया है और बिहार के मुख्य सचिव को इस पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं
Bhojpur: बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना पर राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लिया है और बिहार के मुख्य सचिव को इस पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश उस समय आया है जब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई होनी थी।
यह पूरा मामला 17 जून 2026 को भोजपुर के बिलौटी गांव में हुआ था, जहां पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के वकील संजीव कुमार सिंह ने 24 जून को राष्ट्रपति सचिवालय को एक ईमेल भेजकर इस घटना की जानकारी दी थी, जिसके बाद अब केंद्र की ओर से दखल आया है।
दूसरी तरफ, सुप्रीम कोर्ट में वकील विशाल तिवारी ने एक PIL दाखिल की है, जिसमें इस मामले की CBI जांच कराने और एक रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की निगरानी में स्वतंत्र कमेटी बनाने की मांग की गई है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इस मामले में एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज के जरिए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी ने फायरिंग की थी, इसलिए आत्मरक्षा में यह कदम उठाना पड़ा। लेकिन परिवार और स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह एक फर्जी एनकाउंटर था और भरत ने सरेंडर कर दिया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भरत तिवारी के शरीर पर पांच गोलियों के निशान मिले हैं। इस मामले में अब तक एक SHO समेत चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है और जगदीशपुर SDPO राजेश कुमार शर्मा व पूर्व शाहपुर SHO राजेश मालाकर समेत कई अधिकारियों पर FIR दर्ज की गई है।
बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मुख्य सचिव, DGP और भोजपुर SP से इस मामले की रिपोर्ट मांगी है। वहीं, मृतक के परिवार ने मुआवजे के तौर पर एक करोड़ रुपये और शहीद का दर्जा देने की मांग की है। 30 जून 2026 को भरत तिवारी की तेरहवीं की रस्म भी निभाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटे थे।