Bihar के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, SHO समेत 5 पुलिसकर्मी निलंबित
Bihar/Bhojpur: भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के आरोप में तत्कालीन थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजेश मालाकार सहित पांच पुलिसकर्मियों को सस्
Bihar/Bhojpur: भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के आरोप में तत्कालीन थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राजेश मालाकार सहित पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव है और न्याय के लिए स्थानीय लोगों का आंदोलन और तेज हो गया है।
शाहाबाद प्रक्षेत्र के DIG सत्य प्रकाश ने भोजपुर SP मिस्टर राज की सिफारिश पर यह कदम उठाया है। निलंबित होने वालों में इंस्पेक्टर राजेश मालाकार के अलावा SI हरिश्चंद्र कुमार, SI अंकित आर्यन, ASI रामाशंकर यादव और महिला सिपाही मीना कुमारी शामिल हैं। बिहार पुलिस मुख्यालय ने माना है कि 16 जून को जब पुलिस पहली बार भरत तिवारी के घर पहुंची थी, तब स्थिति को संभालने में गंभीर लापरवाही हुई थी।
इस मामले में अब कानूनी और राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। न्याय की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सचिन मिश्रा ने बिलौटी गांव में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया है। जन सुराज के प्रशांत किशोर ने भी मृतक के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। परिजनों की मांग है कि इस पूरे मामले की CBI जांच कराई जाए।
दूसरी तरफ, इस घटना के बाद भोजपुर पुलिस के अधिकारियों और जवानों को धमकी भरे कॉल और मैसेज मिल रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में 400 से ज्यादा कॉल आए हैं, जिनमें से ज्यादातर नंबर उत्तर प्रदेश के बताए जा रहे हैं। साइबर थाना की टीम इन नंबरों की जांच कर रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक आयोग बना दिया है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में भी स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति और CBI जांच के लिए याचिका दायर की गई है। एडीजी (विधि-व्यवस्था) सुधांशु कुमार ने साफ किया है कि इस मुठभेड़ को पुलिस की उपलब्धि नहीं माना जा सकता और बल प्रयोग केवल आत्मरक्षा में ही होना चाहिए था।