Bihar के भोजपुर में भरत तिवारी एनकाउंटर मामला गरमाया, महिलाओं ने लगाए गंभीर आरोप, न्यायिक जांच के आदेश
Bihar/Bhojpur: भोजपुर के आरा जिले में भरत भूषण तिवारी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं बिहार सरकार ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच बै
Bihar/Bhojpur: भोजपुर के आरा जिले में भरत भूषण तिवारी के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय महिलाओं ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं बिहार सरकार ने इस पूरे मामले की न्यायिक जांच बैठाने का फैसला किया है। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव और आक्रोश देखा जा रहा है।
भरत तिवारी की मौत 17 जून 2026 को एक पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुई थी। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब एनकाउंटर स्थल के पास रहने वाली महिलाओं ने दावा किया कि भरत तिवारी उनके टोले के विकास में मदद करते थे। महिलाओं ने आरोप लगाया कि घटना के समय पुलिस ने उन्हें वहां से जबरन हटाया और उन्हें धमकी भी दी।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 20 जून 2026 को न्यायिक जांच का आदेश दिया है। यह जांच एक रिटायर्ड हाई कोर्ट जज की निगरानी में होगी ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे। वहीं, भरत तिवारी की मां आशा देवी ने शाहपुर पुलिस स्टेशन में केस नंबर 178/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे ने हथियार फेंककर सरेंडर कर दिया था, लेकिन पुलिस ने उसे धक्का देकर पांच गोलियां मार दीं। इस FIR में तत्कालीन SDPO राजेश शर्मा, SHO राजेश मालाकार और STF जवान अक्षय कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को नामजद किया गया है।
पुलिस ने शुरू में दावा किया था कि तिवारी ने फायरिंग की थी इसलिए आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी और उन्हें मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया था। लेकिन परिवार और स्थानीय लोगों ने इसे गलत बताते हुए कहा कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता थे। एक वीडियो सामने आने के बाद बिहार पुलिस ने चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया है।
इस बीच, मामले की स्वतंत्र जांच और CBI जांच की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है, जिसमें राजद सांसद मनोज झा ने सवाल उठाए हैं। 24 जून 2026 को भोजपुर के बिलौटी गांव में एक बड़ी महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें न्याय की मांग की जाएगी। परिजनों ने जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर से भी मुलाकात कर उनका समर्थन मांगा है।