Bihar के भोजपुर मुठभेड़ मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता को पटना हाई कोर्ट जाने को कहा

Bihar/Bhojpur: बिहार के भोजपुर में भारत भूषण तिवारी की कथित फर्जी मुठभेड़ के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता क

Bihar/Bhojpur: बिहार के भोजपुर में भारत भूषण तिवारी की कथित फर्जी मुठभेड़ के मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है। अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वह इस मामले को लेकर पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाए।

मंगलवार को यह मामला न्यायमूर्ति एमएम सुंद्रेश और जस्टिस शील नागू की पीठ के सामने आया था। याचिकाकर्ता के वकील विशाल तिवारी ने जब मामले की गंभीरता को बताते हुए बहस शुरू करनी चाही, तो कोर्ट ने उनसे सीधा सवाल किया कि वह सीधे सुप्रीम कोर्ट क्यों आए और पहले हाई कोर्ट क्यों नहीं गए। कोर्ट का मानना था कि इस तरह के मामले की सुनवाई के लिए हाई कोर्ट ज्यादा बेहतर जगह है।

जब कोर्ट ने याचिकाकर्ता की पहचान पूछी और पता चला कि यह एक जनहित याचिका है, तो अदालत ने साफ कर दिया कि वह इस पर सुनवाई नहीं करेगी। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पटना हाई कोर्ट जाने की पूरी छूट दे दी है। इस याचिका में मांग की गई थी कि भारत भूषण तिवारी की मौत की जांच CBI से कराई जाए और दोषी पुलिस टीम के खिलाफ FIR दर्ज हो। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति बनाने की मांग भी की गई थी।

जानकारी के मुताबिक, 17 जून को भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ के दौरान भारत भूषण तिवारी की मौत हुई थी। उनके पिता का आरोप है कि हथियार डालने के बाद भी पुलिस ने उन्हें गोली मार दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है। दूसरी तरफ, बिहार सरकार ने शनिवार को ही इस पूरी घटना की न्यायिक जांच कराने का ऐलान कर दिया था।