Bihar: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में SC पहुंचे वकील, स्वतंत्र जांच की मांग पर कोर्ट ने क्या कहा

Bihar: भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। वकील विशाल तिवारी ने एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ह

Bihar: भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में हुए चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। वकील विशाल तिवारी ने एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मामले की तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है।

सोमवार, 22 जून 2026 को जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वे पहले इस मामले को लिस्टिंग के लिए सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के सामने पेश करें। यह पूरी घटना 17 जून 2026 की है, जब बिहार के भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर के दौरान 28 साल के भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी।

भरत तिवारी के परिवार और गांव वालों का कहना है कि वह एक सामाजिक कार्यकर्ता थे और उनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। उनका दावा है कि भरत ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था, फिर भी उन्हें गोली मार दी गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि तिवारी ने उन पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में आत्मरक्षा के लिए गोली चलानी पड़ी। पुलिस ने शुरुआती रिपोर्ट में यह भी कहा था कि तिवारी मानसिक रूप से अस्वस्थ थे और उन्हें इलाज के लिए सुरक्षित हिरासत में लेने की कोशिश की जा रही थी।

याचिका में मांग की गई है कि इस कथित फर्जी एनकाउंटर की जांच CBI करे और सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति बनाई जाए। साथ ही, इसमें शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और 2014 के सुप्रीम कोर्ट गाइडलाइन्स का पालन करने की बात कही गई है। याचिका में यह भी जिक्र है कि तिवारी ने एनकाउंटर से कुछ घंटे पहले फेसबुक लाइव आकर सरेंडर करने की इच्छा जताई थी।

इस बीच, बिहार सरकार ने शनिवार, 20 जून 2026 को इस घटना की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। इस जांच की निगरानी पटना हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज करेंगे।