Bihar में भरत तिवारी एनकाउंटर की न्यायिक जांच शुरू, 6 महीने में सौंपी जाएगी रिपोर्ट

Bihar: पटना के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब न्यायिक जांच की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. सेवानिवृत्त न्यायाधीश Vinod Kumar Sinha की अध्यक्षता वाले आयोग ने अधिकारियों के साथ पहली बैठक कर ली है. आयोग

Bihar: पटना के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब न्यायिक जांच की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. सेवानिवृत्त न्यायाधीश Vinod Kumar Sinha की अध्यक्षता वाले आयोग ने अधिकारियों के साथ पहली बैठक कर ली है. आयोग ने साफ किया है कि वह अगले छह महीनों के भीतर अपनी पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंप देगा.

इस जांच का मुख्य फोकस घटना की पूरी पृष्ठभूमि और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की वैधता की जांच करना होगा. आयोग यह पता लगाएगा कि इस पूरे मामले में किन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होती है. जांच के लिए आरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) परिसर में आयोग का कार्यालय बनाया गया है. न्यायमूर्ति सिन्हा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है और गवाहों को समन जारी कर दिया गया है, जिनके बयान जल्द ही दर्ज किए जाएंगे.

वहीं दूसरी ओर, इस मामले में पीड़ित परिवार का गुस्सा अब भी बरकरार है. भरत तिवारी की मां Asha Devi ने 9 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है. उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी इस प्रदर्शन में शामिल हैं. परिवार की मांग है कि दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए. इससे पहले 6 जुलाई को परिवार ने घर के बाहर संदिग्ध निगरानी की शिकायत की थी, जिसके बाद उनकी सुरक्षा के लिए पांच पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे.

बता दें कि 17 जून को हुई कथित मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत हो गई थी. पुलिस का दावा है कि यह आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई थी, जबकि परिवार का आरोप है कि भरत ने सरेंडर कर दिया था और उन्हें निहत्था करने के बाद गोली मारी गई. इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है. हाल ही में 30 जून को Supreme Court ने इस मामले में सीबीआई जांच की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को पटना हाईकोर्ट जाने को कहा था.