Bihar में भरत तिवारी एनकाउंटर पर बवाल, BJP नेता ऋतुराज सिंह ने उठाए सवाल, SHO समेत कई पुलिसकर्मी सस्पेंड

Bihar/Patna : भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले 30 साल के भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में अब बीजेपी नेता ऋतुराज सिंह और पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने पुलिस कार्र

Bihar/Patna : भोजपुर जिले के बिलौटी गांव के रहने वाले 30 साल के भरत तिवारी की पुलिस एनकाउंटर में मौत के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में अब बीजेपी नेता ऋतुराज सिंह और पूर्व विधायक राहुल तिवारी ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि सीधा मर्डर है, जिसके बाद इलाके में भारी तनाव बना हुआ है।

बीजेपी नेता Rituraj Singh ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि रक्षक को भक्षक नहीं बनना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर कानून की रक्षा करने वाले ही सवालों के घेरे में आएंगे, तो आम जनता का भरोसा सिस्टम से कम हो जाएगा। ऋतुराज सिंह ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

वहीं पूर्व MLA राहुल तिवारी उर्फ मंटू तिवारी ने इसे हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। राहुल तिवारी ने सवाल किया कि जब उसे आसानी से गिरफ्तार किया जा सकता था, तो एनकाउंटर की क्या जरूरत थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने, पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटनाक्रम की बात करें तो 18 जून 2026 को भरत तिवारी को पुलिस एनकाउंटर में गोली लगी थी, जिसके बाद पटना के PMCH में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से नाराज ग्रामीणों ने आरा-बक्सर फोरलेन को जाम कर दिया और न्याय की मांग की। परिजनों का दावा है कि भरत ने पिस्तौल सौंपकर सरेंडर कर दिया था, फिर भी उसे कई गोलियां मारी गईं।

दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि भरत तिवारी उन पर लगातार फायरिंग कर रहा था, इसलिए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। पुलिस ने मौके से एक पिस्तौल, दो कारतूस और मैगजीन बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले भरत तिवारी का फेसबुक लाइव वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह पिस्तौल दिखाकर पुलिस को चुनौती दे रहा था। फिलहाल इस मामले में शाहपुर SHO Rajesh Malakar और कुछ अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। बिहार के शिक्षा मंत्री Mithilesh Tiwari ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।