Bihar: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में BCI चेयरमैन मनन मिश्रा ने उठाए सवाल, PMCH रिपोर्ट में 5 गोलियों के निशान मिले

Bihar: पटना और भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन और भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने पुलिस की कहानी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि कानून

Bihar: पटना और भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन और भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने पुलिस की कहानी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि कानून का शासन होना चाहिए और अगर सरेंडर के सबूत सही निकले, तो यह पुलिसिया कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन होगी।

इस मामले में पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (PMCH) की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने विवाद और बढ़ा दिया है। रिपोर्ट में सामने आया कि भरत तिवारी के शरीर पर 5 गोलियों के निशान थे। इस खुलासे के बाद परिवार ने इसे ‘फेक एनकाउंटर’ करार दिया है। मृतक की मां आशा तिवारी की शिकायत पर शाहपुर पुलिस स्टेशन में केस नंबर 178/26 दर्ज किया गया है, जिसमें जगदीशपुर के SDPO और शाहपुर के पूर्व SHO समेत कई अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज है।

घटना 17 जून 2026 को भोजपुर जिले के शाहपुर इलाके के बिलौटी गांव में हुई थी। 28 साल के सोशल एक्टिविस्ट भरत भूषण तिवारी, जिनकी फेसबुक पर 1.6 लाख फॉलोअर्स थे, की पुलिस के साथ दो दिन तक चले टकराव के बाद मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि तिवारी ने अवैध पिस्टल से फायरिंग की थी, इसलिए आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी। वहीं, परिवार और गवाहों का कहना है कि फेसबुक लाइव वीडियो में तिवारी हथियार छोड़कर सरेंडर करने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्हें मार दिया गया।

वर्तमान में इस पूरे मामले की जांच पूर्व जज विनोद सिन्हा की देखरेख में चल रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और अब तक 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया जा चुका है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक PIL भी दाखिल की गई है, जिसमें CBI जांच की मांग की गई है। प्रशांत किशोर के जन सुराज समेत कई राजनीतिक दलों ने भी समय सीमा के अंदर निष्पक्ष जांच की मांग की है।