Bihar में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर बवाल, AAP ने सम्राट सरकार के खिलाफ आंदोलन की दी चेतावनी

Bihar: बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने इस घटना को लेकर सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोला है और बड़े

Bihar: बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार यादव ने इस घटना को लेकर सम्राट सरकार पर तीखा हमला बोला है और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। AAP का कहना है कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

यह पूरा मामला 17 जून 2026 का है जब भोजपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस की गोलीबारी से 28 वर्षीय भरत तिवारी की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि भरत ने आत्मसमर्पण कर दिया था, उसके बाद उसे गोली मारी गई। भरत तिवारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय था। इस घटना के बाद उसकी मां आशा देवी ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 20 जून 2026 को न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच की जिम्मेदारी पटना उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी गई है ताकि सच सामने आ सके। वहीं, पुलिस ने शाहपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार मालाकार समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। दूसरी तरफ, पुलिस ने भरत के पिता काशीनाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी पर अवैध हथियार रखने और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया है।

इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। जदयू के संजय कुमार झा और पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने भरत तिवारी की तुलना शहीद भगत सिंह से करते हुए सरकार की आलोचना की है। उधर, 22 जून 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया और याचिकाकर्ता को रजिस्ट्रार के पास जाने का निर्देश दिया। पुलिस का दावा है कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई क्योंकि भरत तिवारी ने उन पर हमला करने की कोशिश की थी।