Bihar: भागलपुर के सुल्तानगंज में इन दिनों एक ‘यादव मंदिर’ काफी चर्चा बटोर रहा है। यह मंदिर किसी पारंपरिक धार्मिक संस्था ने नहीं, बल्कि एक बेटे ने अपने माता-पिता के प्रति सम्मान जताने के लिए बनवाया है। सोशल मी
Bihar: भागलपुर के सुल्तानगंज में इन दिनों एक ‘यादव मंदिर’ काफी चर्चा बटोर रहा है। यह मंदिर किसी पारंपरिक धार्मिक संस्था ने नहीं, बल्कि एक बेटे ने अपने माता-पिता के प्रति सम्मान जताने के लिए बनवाया है। सोशल मीडिया पर इस मंदिर के नाम और इसके पीछे की कहानी को लेकर लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं।
क्या है यादव मंदिर की पूरी कहानी
सुल्तानगंज के रहने वाले Dr. Arvind Kumar Yadav ने अपने दिवंगत माता-पिता की याद में अपने घर पर ही एक मंदिर का निर्माण करवाया है। उन्होंने वहां अपने माता-पिता की प्रतिमाएं स्थापित की हैं, जहां रोज उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। आज के समय में जहां कई लोग बुजुर्ग माता-पिता को वृद्धाश्रम छोड़ देते हैं, वहीं इस पहल को लोग भावुक नजरिए से देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है चर्चा
इस मंदिर के बाहर ‘यादव मंदिर’ नाम का एक बोर्ड लगा हुआ है। इसी बोर्ड की वजह से यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग इस पर अपनी राय दे रहे हैं। लोग इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि माता-पिता की याद में इस तरह का मंदिर बनाना कितना अलग और भावुक कदम है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यादव मंदिर कहाँ स्थित है और इसे किसने बनवाया है
यह मंदिर बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में स्थित है। इसे Dr. Arvind Kumar Yadav ने अपने दिवंगत माता-पिता की स्मृति में बनवाया है।
इस मंदिर के चर्चा में रहने का मुख्य कारण क्या है
इस मंदिर में माता-पिता की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा की जाती है और बाहर लगे ‘यादव मंदिर’ के बोर्ड की वजह से यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।