Bihar: भागलपुर में गंगा नदी पर बना विक्रमशिला सेतु अचानक ढह गया है। 4 मई 2026 की रात करीब 1:07 बजे पुल के पिलर नंबर 133 के पास का 25 मीटर का स्लैब नदी में गिर गया। गनीमत रही कि अधिकारियों ने समय रहते पुल से गाड़ियों और ल
Bihar: भागलपुर में गंगा नदी पर बना विक्रमशिला सेतु अचानक ढह गया है। 4 मई 2026 की रात करीब 1:07 बजे पुल के पिलर नंबर 133 के पास का 25 मीटर का स्लैब नदी में गिर गया। गनीमत रही कि अधिकारियों ने समय रहते पुल से गाड़ियों और लोगों को हटा लिया था, जिससे कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इस हादसे के बाद उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला यह मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।
पुल की मरम्मत में कितना समय लगेगा और क्या है अपडेट
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुल की जल्द मरम्मत के लिए केंद्र सरकार और Indian Army से मदद मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, पुल को दोबारा चालू करने में लगभग 90 दिन यानी 3 महीने का समय लग सकता है। मरम्मत के काम के लिए Bihar State Bridge Construction Corporation, Army और Border Roads Organisation (BRO) के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। इस घटना के बाद एक इंजीनियर को सस्पेंड भी कर दिया गया है।
आम जनता पर क्या असर पड़ा और ट्रैफिक का क्या रास्ता है
4.7 किलोमीटर लंबे इस पुल के बंद होने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। अब लोगों को मुंगेर के रास्ते जाना पड़ रहा है, जिससे सफर का समय काफी बढ़ गया है। नदी पार करने के लिए नावों और स्टीमर्स का इंतजाम किया गया है। भागलपुर DM नवल किशोर चौधरी ने बताया कि एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई है जो यह जांच करेगी कि पिलर के पास मिट्टी कटने या स्लैब जॉइंट की कमजोरी की वजह से यह हादसा हुआ या किसी और कारण से।
पुल की हालत और पुरानी चेतावनियां
विक्रमशिला सेतु साल 2001 में खुला था। बताया जा रहा है कि पहले की जांच में प्रोटेक्शन वॉल और कुछ ढांचों के खराब होने की बात सामने आई थी, जिस पर मेंटेनेंस के लिए विचार चल रहा था। फिलहाल NH-131A कनेक्टिविटी वाला यह पुल बंद है, जबकि इसके बगल में एक नया फोर-लेन पुल बनाया जा रहा है ताकि भविष्य में दबाव कम हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु का हादसा कब और कहां हुआ
यह हादसा 4 मई 2026 की रात करीब 1:07 बजे भागलपुर में पिलर नंबर 133 के पास हुआ, जहां 25 मीटर का हिस्सा गंगा नदी में गिर गया।
पुल के बंद होने से ट्रैफिक के लिए क्या विकल्प हैं
फिलहाल ट्रैफिक को मुंगेर के रास्ते डायवर्ट किया गया है और नदी पार करने के लिए नावों और स्टीमर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है।