Bihar: भागलपुर में उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु हादसे का शिकार हो गया है। 3 मई 2026 की देर रात या 4 मई की तड़के पिलर नंबर 133 के पास पुल का करीब 25 से 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिर गय
Bihar: भागलपुर में उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु हादसे का शिकार हो गया है। 3 मई 2026 की देर रात या 4 मई की तड़के पिलर नंबर 133 के पास पुल का करीब 25 से 34 मीटर हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। प्रशासन ने समय रहते मुस्तैदी दिखाई और ट्रैफिक को हटा लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी की जान नहीं गई।
हादसा कैसे हुआ और अब क्या स्थिति है?
पुल का एक बड़ा स्लैब गिरने के बाद जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने तुरंत यातायात पर पूरी तरह रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि मार्च 2026 में भी सुरक्षा दीवारों को नुकसान की खबरें आई थीं और तकनीकी जांच में बॉल-बियरिंग में खराबी मिली थी। हालांकि, 2016 के बाद से पुल में कोई बड़ा सुधार नहीं किया गया था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। फिलहाल जांच के लिए IIT Patna के विशेषज्ञों की एक टीम भेजी जा रही है।
सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और कितना समय लगेगा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मरम्मत के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात कर BRO और भारतीय सेना की मदद मांगी है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (BRPNNL) के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक, क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने में करीब तीन महीने का समय लगेगा। लापरवाही के आरोप में एक कार्यकारी अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दिसंबर 2026 तक यहाँ एक नया चार-लेन पुल भी बनकर तैयार हो जाएगा।
आम लोगों के लिए वैकल्पिक रास्ते क्या हैं?
पुल बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। प्रशासन ने ट्रैफिक के लिए मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया के गंगा पुल का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। छोटे वाहनों के लिए भागलपुर और नवगछिया के बीच अस्थायी स्टीमर सेवा शुरू की गई है ताकि लोगों की आवाजाही बनी रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला सेतु पर ट्रैफिक कब तक शुरू होगा?
BRPNNL के अध्यक्ष के अनुसार, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत में लगभग तीन महीने का समय लगेगा, जिसके बाद यातायात फिर से शुरू हो सकेगा।
पुल बंद होने के बाद लोग कैसे आवाजाही कर सकते हैं?
लोग मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया के गंगा पुल का उपयोग कर सकते हैं। साथ ही, हल्के वाहनों के लिए स्टीमर सेवा भी उपलब्ध कराई गई है।