Bihar: भागलपुर जिले में 3 मई 2026 की रात विक्रमशिला पुल का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। समय रहते ट्रैफिक रोक दिया गया था, इसलिए इस हादसे में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। यह पुल साल 2001 में बना था और अब इसकी ब
Bihar: भागलपुर जिले में 3 मई 2026 की रात विक्रमशिला पुल का एक बड़ा हिस्सा गंगा नदी में गिर गया। समय रहते ट्रैफिक रोक दिया गया था, इसलिए इस हादसे में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। यह पुल साल 2001 में बना था और अब इसकी बदहाली ने प्रशासन की पोल खोल दी है।
पुल गिरने के मुख्य कारण और चेतावनी
जांच में पता चला है कि अगस्त 2024 से अप्रैल 2026 के बीच कई बार अधिकारियों ने पुल की खराब हालत के बारे में RCD और BRPNN को बताया था। अप्रैल 2026 में IIT Patna की टीम ने भी ट्रैफिक कम करने की सलाह दी थी। पुल पर 20 टन से ज्यादा वजन वाले वाहनों की मनाही थी, लेकिन 55 टन तक के ट्रक बेरोकटोक गुजर रहे थे। तकनीकी तौर पर ‘एलिगेटर क्रैकिंग’ और समय पर बॉल-बियरिंग न बदलना हादसे की बड़ी वजह बने।
किस अधिकारी पर गिरी गाज और क्या है सरकारी एक्शन
लापरवाही बरतने के आरोप में RCD के NH डिवीजन के कार्यपालक अभियंता संकेत कुमार रोशन को 4 मई 2026 को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मरम्मत के लिए BRO और भारतीय सेना से मदद मांगी है। बिहार सरकार ने अब राज्य के सभी बड़े पुलों का 72 घंटे के भीतर सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया है।
मरम्मत में कितना समय लगेगा और क्या है विकल्प
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक मरम्मत में करीब तीन महीने लग सकते हैं। पुल का करीब 33 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, जिसमें से दो स्लैब को पूरी तरह तोड़कर नया बनाना होगा। राहत की बात यह है कि विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे नए पुल पर दिसंबर 2026 तक गाड़ियां चल सकेंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
विक्रमशिला पुल क्यों गिरा और इसमें किसकी लापरवाही थी?
पुल गिरने का मुख्य कारण ‘एलिगेटर क्रैकिंग’ और समय पर बॉल-बियरिंग न बदलना था। अधिकारियों ने कई चेतावनियों के बावजूद ओवरलोड वाहनों को पुल पर चलने दिया, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
पुल की मरम्मत और वैकल्पिक रास्ते की क्या स्थिति है?
मरम्मत में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है। साथ ही, समानांतर बन रहे नए पुल पर दिसंबर 2026 तक यातायात शुरू होने की उम्मीद है।